राममंदिर चढ़ावा चोरी- ट्रस्ट ने CEO की भर्ती निकाली:सुप्रीम कोर्ट ने SIT से रिपोर्ट मांगी, पूछा- जांच अधिकारी कौन; 20 को अगली सुनवाई
अयोध्या (Ayodhya) स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को महत्वपूर्ण सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government), केंद्र सरकार (Central Government) और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) को नोटिस जारी किया है। अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से अब तक की जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। साथ ही यह भी निर्देश दिया कि रिपोर्ट में जांच कर रहे अधिकारियों और जांच की संरचना से संबंधित पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने मांगी विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट:
चीफ जस्टिस Surya Kant (सूर्यकांत) की अध्यक्षता वाली पीठ चार अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि एसआईटी की जांच से संबंधित पूरी जानकारी स्टेटस रिपोर्ट में शामिल होनी चाहिए। सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta (तुषार मेहता) ने अदालत को बताया कि जांच की स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत की जाएगी। इस पर कोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट में एसआईटी के गठन, उसकी संरचना और जांच अधिकारियों की जानकारी स्पष्ट रूप से दी जानी चाहिए। मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई निर्धारित की गई है।
सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश:
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मामले से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए हैं। अदालत का यह आदेश जांच प्रक्रिया के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों को संरक्षित रखने के उद्देश्य से दिया गया है, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।
याचिकाओं में सीबीआई जांच और विशेषज्ञ समिति की मांग:
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिकाओं में इस पूरे मामले की जांच CBI (सीबीआई) को सौंपने की मांग की गई है। इसके अलावा मंदिर में आने वाले दान और चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने की भी मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि दान प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र समीक्षा आवश्यक है।
गिरफ्तार आठ आरोपियों को कोर्ट में किया जाएगा पेश:
इधर, Ayodhya Police (अयोध्या पुलिस) मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश करेगी। इन आरोपियों की रिमांड अवधि समाप्त हो रही है। इस दौरान पुलिस मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव Champat Rai (चंपत राय) के करीबी बताए जा रहे Ramshankar Yadav उर्फ Tinnu (रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू) और चढ़ावा गिनती के प्रभारी रहे Subhash Srivastava (सुभाष श्रीवास्तव) की सात दिन की रिमांड की मांग कर सकती है।
इससे पहले पुलिस आरोपी Avinash (अविनाश), Anukalp (अनुकल्प), Lavkush (लवकुश) और Karunesh (करुणेश) को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर चुकी है। फिलहाल चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आरोपियों को Faizabad Jail (फैजाबाद जेल) की अलग-अलग बैरकों में रखा गया है।
राम मंदिर ट्रस्ट ने निकाली CEO पद पर भर्ती:
इसी बीच Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust (श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट) ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की आयु 50 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा न्यूनतम शैक्षिक योग्यता स्नातक निर्धारित की गई है। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 18 जुलाई 2026 को शाम 4 बजे तक तय की गई है।
CEO पद के लिए अनुभव और योग्यता:
इस पद के लिए बड़े सार्वजनिक संगठन, संस्था, विभाग या कंपनी में कम से कम 20 वर्ष का प्रबंधकीय अनुभव अनिवार्य रखा गया है। उम्मीदवार को सामान्य प्रशासन, वित्त, लेखा, मानव संसाधन (HR), जनसंपर्क, सूचना प्रौद्योगिकी (IT), सुरक्षा, विधि तथा प्रशासनिक कार्यों के समन्वय का अनुभव होना चाहिए। मंदिर, हिंदू धार्मिक संस्था या धर्मार्थ संगठन के प्रबंधन का अनुभव रखने वाले अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकते हैं। उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता, समन्वय और प्रबंधन कौशल रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।
CEO की प्रमुख जिम्मेदारियां:
मुख्य कार्यकारी अधिकारी को ट्रस्ट की वर्तमान गतिविधियों और भविष्य की विकास योजनाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करना होगा। इसके अलावा ट्रस्ट का कुशल प्रबंधन, वित्तीय लेन-देन और लेखा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखना, संस्थागत सूचना प्रबंधन, मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को प्रभावी रखना भी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है। साथ ही धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ, उत्सवों और परंपराओं का सुचारु संचालन तथा श्रद्धालुओं की सुविधा, तीर्थयात्रियों के प्रबंधन और दर्शन व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने की जिम्मेदारी भी इसी पद पर होगी।
शंकराचार्य ने जताई नाराजगी:
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर Swami Avimukteshwaranand (स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद) ने Bahraich (बहराइच) में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह अत्यंत गंभीर और बड़ा पाप है। उन्होंने कहा कि दुख की बात यह है कि आज भी संबंधित लोग वहीं मौजूद हैं। उनके अनुसार इस प्रकार की स्थिति उचित नहीं है और दोषियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।
याचिकाकर्ता ने उठाए पारदर्शिता के सवाल:
मामले के याचिकाकर्ता और अधिवक्ता Narendra Goswami (नरेंद्र गोस्वामी) ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार, राम मंदिर ट्रस्ट और अन्य प्रतिवादियों सहित कुल लगभग 11 पक्षों को नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत संवेदनशील मामला है और भगवान को अर्पित चढ़ावे से जुड़े मामलों में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित होना आवश्यक है।
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