अयोध्या (Ayodhya) स्थित राम मंदिर (Ram Mandir) में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में आरोपी गोपाल राव को लेकर एक नया घटनाक्रम सामने आया है। 2 जुलाई को लखनऊ (Lucknow) के अमौसी एयरपोर्ट से बेंगलुरु (Bengaluru) जाने वाली इंडिगो (IndiGo) की फ्लाइट में यात्रा के दौरान कुछ यात्रियों ने उन्हें पहचान लिया। इसके बाद फ्लाइट में मौजूद लोगों ने “चंदा चोर” और “चढ़ावा चोर” जैसे नारे लगाए। स्थिति को संभालने के लिए केबिन क्रू ने यात्रियों को शांत कराया। इस बीच मामले को लेकर राजनीतिक और धार्मिक प्रतिक्रियाएं भी लगातार सामने आ रही हैं।
फ्लाइट में आरोपी को देखकर यात्रियों ने जताया विरोध:
जानकारी के अनुसार, मंदिर निर्माण प्रभारी रहे गोपाल राव 2 जुलाई की सुबह 7:05 बजे इंडिगो (IndiGo) की फ्लाइट संख्या 6E0231 से लखनऊ (Lucknow) से बेंगलुरु (Bengaluru) के लिए रवाना हुए थे। फ्लाइट में मौजूद कुछ यात्रियों ने उन्हें पहचानने के बाद विरोध जताया और नारेबाजी शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण रही, जिसके बाद विमान के केबिन क्रू ने यात्रियों को समझाकर माहौल शांत कराया।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार और ट्रस्ट पर उठाए सवाल:
लखीमपुर-खीरी (Lakhimpur Kheri) में मीडिया से बातचीत के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इस पूरे मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि चोरी हुई है तो इससे भगवान राम ने सच्चाई सामने ला दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने धर्म और आस्था के नाम पर जनता का विश्वास जीता, वही अब सवालों के घेरे में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिन अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज हुई है, वे अपने स्तर पर इतने बड़े निर्णय नहीं ले सकते और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
चंपत राय के इस्तीफे पर भी उठे सवाल:
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के संभावित इस्तीफे को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इतने बड़े धार्मिक स्थल में कथित आर्थिक अनियमितताओं के आरोपों के बीच केवल इस्तीफा पर्याप्त नहीं माना जा सकता। उनका कहना था कि यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेस और अन्य दलों ने भी साधा निशाना:
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के बयान पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने मुंबई (Mumbai) में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि मंदिर में चोरी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वास्तविक मुद्दे से ध्यान हटाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए और पूरे मामले की पारदर्शी जांच आवश्यक है।
सजावट और भुगतान को लेकर भी उठे सवाल:
सूत्रों के अनुसार, रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के दौरान मंदिर की सजावट के लिए अलग-अलग ठेकेदारों से कार्य कराया गया था। आरोप है कि बाद में अतिरिक्त कार्य दर्शाकर अधिक भुगतान किया गया। इसके अलावा कार्यक्रम समाप्त होने के बाद फूल और पूजा सामग्री हटाने के लिए भी अलग से लाखों रुपये का ठेका दिए जाने की बात सामने आई है। वहीं 19 मार्च 2026 को हुए श्रीराम यंत्र स्थापना कार्यक्रम में हुए खर्च को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन सभी दावों की पुष्टि एसआईटी (SIT) जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
एसआईटी जांच तेज, ट्रस्ट की बैठक पर निगाहें:
मंदिर ट्रस्ट ने 6 जुलाई को होने वाली बैठक का एजेंडा जारी कर दिया है। बैठक में महासचिव चंपत राय और न्यासी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर निर्णय लिए जाने के साथ ही एसआईटी (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट और मंदिर प्रबंधन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। दूसरी ओर, एसआईटी (SIT) ने डॉ. अनिल मिश्रा से करीब तीन घंटे पूछताछ की है। गोपाल राव से भी सवाल-जवाब किए गए हैं। जांच एजेंसी ने दोनों से संपत्ति संबंधी दस्तावेज, बैंक स्टेटमेंट और ट्रस्ट के पिछले पांच वर्षों का ऑडिट रिकॉर्ड भी मांगा है।
सीबीआई जांच की मांग और नई बरामदगी:
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद सुधाकर सिंह ने इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में जनहित याचिका (PIL) दाखिल कर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है। उधर पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला की निशानदेही पर अयोध्या (Ayodhya) से एक ब्रेजा कार (UP42AP6054) बरामद की है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस वाहन का उपयोग धन के आवागमन में किया गया था या नहीं।
भाजपा नेता के बयान पर भी हुई चर्चा:
भाजपा (BJP) नेता विनय कटियार ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि चढ़ावे की राशि में अनियमितता हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित लोगों के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई हो सकती है। हालांकि बाद में उन्होंने अपने जेल संबंधी बयान से दूरी बना ली और कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
आरएसएस ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की:
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने भी इस मामले पर पहली बार आधिकारिक प्रतिक्रिया दी। सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि रामलला मंदिर के दानपात्र से जुड़ी कथित चोरी की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि एसआईटी (SIT) जांच में जो भी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही मंदिर ट्रस्ट से वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने की भी अपील की।
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com
#Tags:
#Ayodhya #RamMandir #DonationRow #SIT #ChampatRai #GopalRao #RSS #BJP #CBI #UttarPradesh