नगर निकायों में जनसुविधाओं और आधारभूत संरचनाओं के विकास कार्यों की समीक्षा को लेकर जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी (Madhusudan Hulgi) ने कलेक्ट्रेट (Collectorate) सभागार में नगर पालिका (Municipality) एवं नगर निकायों (Urban Local Bodies) के अधिशासी अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने नगरीय क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी अधिशासी अधिकारी नियमित रूप से फील्ड में जाकर जनसुविधाओं का निरीक्षण करें और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराएं।
फील्ड में उतरने और मुख्यालय पर रहने के निर्देश:
बैठक के दौरान जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी (Madhusudan Hulgi) ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सभी अधिशासी अधिकारी अपने मुख्यालय पर ही निवास करें और नियमित रूप से क्षेत्र का भ्रमण करें। यदि कोई अधिकारी बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ता है तो उसके वेतन पर रोक लगाने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कार्यप्रणाली में सुधार लाकर जनता से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
पारदर्शी टेंडर और आईजीआरएस मामलों के निस्तारण पर जोर:
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी विकास कार्यों के टेंडर पूरी पारदर्शिता और नियमानुसार कराए जाएं। साथ ही प्रत्येक अधिशासी अधिकारी 25-25 आईजीआरएस (IGRS) प्रकरणों का स्वयं सत्यापन कर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनशिकायतों के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण के निर्देश:
बैठक में नगरीय क्षेत्रों के विद्यालयों और आंगनबाड़ी (Anganwadi) केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि जहां आवश्यक हो, वहां उपकरण उपलब्ध कराए जाएं तथा कायाकल्प के मानकों के अनुरूप आधारभूत सुविधाओं का विकास सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति के अंतर्गत आयोजित सत्रों का निरीक्षण करने, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं एएनएम (ANM) की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा ड्यू-लिस्ट का मिलान करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही मातृ-शिशु मृत्यु और मिसिंग डिलीवरी मामलों की नियमित समीक्षा करने को कहा।
जनसुविधाओं के विस्तार पर विशेष फोकस:
जिलाधिकारी ने नगर निकायों में मल्टी लेवल पार्किंग, टैक्सी स्टैंड और वेंडिंग जोन विकसित करने के निर्देश दिए। जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए तालाबों के सुदृढ़ीकरण पर भी बल दिया गया। इसके अलावा गौशालाओं का निरीक्षण कर छुट्टा गोवंशों के संरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सरकारी भूमि की पंजिका तैयार करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।
विकास परियोजनाओं का स्वयं करेंगे निरीक्षण:
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि नगर पालिका क्षेत्रों की पांच-पांच प्रमुख विकास परियोजनाओं का निरीक्षण वह स्वयं करेंगे। उन्होंने पांचवें राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), तहसील (Tehsil), सार्वजनिक शौचालय एवं आवासों के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रस्ताव तैयार कर कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों में बच्चों की डिजिटल उपस्थिति, संदर्शिका के उपयोग और निपुण तालिका का भी निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा।
अधिकारियों को सुधार की अंतिम चेतावनी:
जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी (Madhusudan Hulgi) ने सभी अधिशासी अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं और नगरीय क्षेत्रों में विकास एवं निर्माण कार्यों को जनसुविधाओं के अनुरूप प्राथमिकता से पूरा कराएं। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का त्वरित समाधान, आईजीआरएस (IGRS) प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण तथा विकास कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) प्रेम नारायण सिंह (Prem Narayan Singh), अधिशासी अधिकारी नगर पालिका (Municipality) संजय तिवारी (Sanjay Tiwari), अन्य अधिशासी अधिकारी तथा एलबीसी (LBC) नर्वदेश्वर कुमार (Narvdeshwar Kumar) सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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रिपोर्टर- गुड़िया मद्धेशिया