लखनऊ। अयोध्या स्थित राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा गड़बड़ी मामले को लेकर देशभर में चर्चाएं तेज हैं। मामले की जांच जारी है और इस बीच अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में Apna Bharat Times की टीम ने लखनऊ में आम लोगों से बातचीत कर इस मुद्दे पर उनकी राय जानी।
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान लोगों की राय पूरी तरह बंटी हुई दिखाई दी। कुछ लोगों ने राम जन्मभूमि ट्रस्ट के पदाधिकारियों का बचाव करते हुए कहा कि उन पर लगाए जा रहे आरोप सही नहीं हैं। कुछ ने दावा किया कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने ही कथित गड़बड़ी को सामने लाने में भूमिका निभाई, इसलिए उन्हें दोषी ठहराना उचित नहीं है।
वहीं कुछ लोगों का कहना था कि मंदिर के लिए प्राप्त धन के उपयोग को लेकर ट्रस्ट को अधिकार प्राप्त है और इसे चोरी कहना जल्दबाजी होगी।
दूसरी ओर कई लोगों ने इस पूरे मामले को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। कुछ लोगों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की भूमिका पर सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की मांग की।
बातचीत के दौरान कुछ लोगों ने राजनीतिक आरोप भी लगाए। एक व्यक्ति ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव का नाम लेते हुए दावा किया कि इस मामले का “बड़ा मगरमच्छ” उनके यहां मिलेगा। हालांकि, इस दावे के समर्थन में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया और यह संबंधित व्यक्ति की व्यक्तिगत राय थी।
फिलहाल मामले की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित अनियमितताओं के लिए कौन जिम्मेदार है और क्या किसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नोट: इस रिपोर्ट में प्रकाशित राजनीतिक दलों, संगठनों और व्यक्तियों के संबंध में दिए गए बयान लखनऊ में आम लोगों से बातचीत के दौरान व्यक्त किए गए उनके व्यक्तिगत विचार हैं। Apna Bharat Times इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एजेंसियों एवं न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
▶️ इस मुद्दे पर लखनऊ की जनता ने क्या कहा? पूरी ग्राउंड रिपोर्ट और वीडियो नीचे देखें।
राम मंदिर चंदा विवाद: लखनऊ की जनता बंटी, किसी ने चंपत राय का किया बचाव तो किसी ने ट्रस्ट और राजनीतिक दलों पर उठाए सवाल