IAS पद से इस्तीफा देने वाली दिव्या मित्तल ने किया राजनीति में एंट्री का ऐलान, जानें VIDEO जारी करके क्या कहा
आईएएस पद से इस्तीफा देने वाली दिव्या मित्तल ने राजनीति में कदम रखने का ऐलान किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपने फैसले की जानकारी दी और राजनीति में आने के पीछे की वजह भी बताई। दिव्या मित्तल ने स्पष्ट किया कि वह उत्तर प्रदेश से अपनी राजनीतिक शुरुआत करेंगी और इसे अपनी कर्मभूमि बताया।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि उन पर भरोसा करने के बजाय खुद पर भरोसा करें। दिव्या मित्तल ने शिक्षक, डॉक्टर, किसान, मजदूर, वकील और छात्रों सहित अलग-अलग वर्गों के लोगों से जुड़ने का आह्वान किया है। उन्होंने अपनी राजनीतिक पहल के लिए ‘चलिए हिसाब मांगते हैं’ का नारा दिया है।
उत्तर प्रदेश से राजनीतिक शुरुआत का ऐलान:
दिव्या मित्तल (Divya Mittal) ने अपने सोशल मीडिया संदेश में उत्तर प्रदेश से राजनीतिक शुरुआत करने की बात कही। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की मिट्टी ही उनकी कर्मभूमि है और उनकी राजनीतिक शुरुआत भी यहीं से होगी। उन्होंने लोगों से उनके साथ जुड़ने और अपनी बात रखने की अपील की है।
दिव्या मित्तल ने अपने एक्स हैंडल पर वीडियो साझा करते हुए बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने आईएएस पद से त्यागपत्र दिया था, जिसके बाद लोगों के मन में कई सवाल थे। उन्होंने कहा कि वीडियो के माध्यम से उन्होंने अपनी बात रख दी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि लोगों को उनकी बात अपनी बात जैसी लगे तो वे दिए गए नंबर पर व्हाट्सऐप संदेश भेज सकते हैं।
किसी राजनीतिक दल के साथ जाने से इनकार:
दिव्या मित्तल ने अपने राजनीतिक कदम को लेकर यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी राजनीतिक पार्टी के साथ नहीं जाएंगी। उनके अनुसार, वह लोगों के लिए राजनीति करेंगी। उन्होंने कहा कि जिन झंडों के नीचे 80 साल में हिसाब नहीं बदला, उनके नीचे खड़े होकर हिसाब नहीं मांगा जा सकता।
उन्होंने स्कूल, सड़क, पुल और सरकारी जमीनों का हिसाब मांगने की बात कही। दिव्या मित्तल ने अपने बयान में यह भी कहा कि जब फिक्र नहीं होती तो मौत हादसा नहीं, फैसला होती है। उनके इस बयान के जरिए उन्होंने व्यवस्था से जुड़े सवालों को उठाने की बात कही है।
जाति-धर्म के समीकरण पर कही ये बात:
दिव्या मित्तल ने जाति और धर्म के आधार पर राजनीति को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी किसी का नाम पूछकर न्याय नहीं किया। उनके अनुसार, 80 साल तक समीकरण बिठाए गए और देश भी उसी स्थिति में बना रहा।
उन्होंने कहा कि नई राजनीति किसी एक व्यक्ति के प्रयास से नहीं बनाई जा सकती, बल्कि इसमें सभी का साथ जरूरी है। दिव्या मित्तल ने कहा कि अस्सी साल से लोग नेता या मसीहा का इंतजार कर रहे हैं, जबकि जिसका इंतजार था, वह खुद लोग हैं।
लोगों से जुड़ने की अपील:
दिव्या मित्तल ने अपनी राजनीतिक पहल में समाज के अलग-अलग वर्गों को जोड़ने की बात कही है। उन्होंने शिक्षक, डॉक्टर, किसान, मजदूर, वकील और छात्रों से जुड़ने की अपील की है। उनके मुताबिक, उनकी राजनीतिक शुरुआत उत्तर प्रदेश से होगी और इसका उद्देश्य लोगों की बात को सामने रखना है।
उन्होंने लोगों से अपने ऊपर भरोसा करने के बजाय खुद पर भरोसा करने का संदेश दिया है। अब उनकी इस राजनीतिक पहल को लेकर आगे की दिशा क्या होगी, यह उनके आगामी कदमों से स्पष्ट होगा।
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