आजमगढ़: आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की हड़ताल से चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था, ओपीडी में लगी लंबी कतारें
आजमगढ़ (Azamgarh) के मंडलीय अस्पताल में आउटसोर्सिंग पर कार्यरत पैरा मेडिकल स्वास्थ्य कर्मियों ने तीन महीने से मानदेय न मिलने के विरोध में गुरुवार को हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों के प्रदर्शन के चलते अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गईं। ओपीडी में मरीजों के पर्चे तक नहीं बन सके, जिससे इलाज कराने आए लोगों को घंटों परेशान होना पड़ा। अस्पताल परिसर में मरीजों और तीमारदारों की लंबी कतारें दिखाई दीं और कई लोगों को बिना उपचार वापस लौटना पड़ा।
अस्पताल के मुख्य गेट पर धरने पर बैठे कर्मचारी:
मंडलीय अस्पताल में आउटसोर्सिंग के माध्यम से तैनात नर्सिंग स्टाफ, वार्ड बॉय, लैब टेक्नीशियन, वार्ड आया और अन्य पैरा मेडिकल कर्मचारी एकजुट होकर अस्पताल के मुख्य गेट और इमरजेंसी गेट पर धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों का कहना था कि पिछले तीन महीने से उन्हें मानदेय नहीं मिला है, जिसके कारण उनके सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कर्मचारियों ने मानदेय भुगतान की मांग करते हुए कामकाज ठप कर दिया।
ओपीडी सेवाएं हुईं प्रभावित:
हड़ताल का सबसे अधिक असर अस्पताल की ओपीडी सेवाओं पर देखने को मिला। पर्ची काउंटर पर काम बंद होने से मरीजों का पंजीकरण नहीं हो सका। दूर-दराज से इलाज कराने पहुंचे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल परिसर में अव्यवस्था का माहौल बना रहा और लोग इलाज के इंतजार में घंटों खड़े दिखाई दिए। इमरजेंसी सेवाओं पर भी प्रदर्शन का असर देखने को मिला।
मानदेय को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी:
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना था कि लगातार काम करने के बावजूद समय पर मानदेय नहीं मिलना उनके लिए बड़ी समस्या बन चुका है। कर्मचारियों के अनुसार कई बार संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में अवगत कराया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। आर्थिक तंगी के कारण कर्मचारियों के सामने परिवार चलाने तक की परेशानी खड़ी हो गई है।
प्रदेश के कई जिलों में चल रहा विरोध:
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों द्वारा मानदेय भुगतान को लेकर प्रदर्शन केवल आजमगढ़ तक सीमित नहीं है। प्रदेश के कई जिलों में भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिल रही है, जहां कर्मचारी बकाया मानदेय की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अधिकारियों ने कर्मचारियों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया।
समझाने के बाद खत्म हुआ धरना:
काफी देर तक चले प्रदर्शन के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कर्मचारियों को समझाकर धरना समाप्त कराया। हालांकि तब तक अस्पताल की सेवाएं प्रभावित हो चुकी थीं और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों ने जल्द मानदेय भुगतान की मांग दोहराते हुए कहा कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आगे भी आंदोलन किया जा सकता है।
मरीजों को झेलनी पड़ी परेशानी:
हड़ताल के कारण अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीज और उनके परिजन सबसे अधिक प्रभावित नजर आए। पर्ची न बनने और सेवाएं बाधित होने के कारण लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। कई मरीज निजी अस्पतालों की ओर रुख करते भी दिखाई दिए। अस्पताल में उत्पन्न अव्यवस्था ने स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
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