मऊ: राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रह चुके मऊ के कोतवाल अनिल सिंह अब जरूरतमंद खिलाड़ियों के सपनों को पूरा करने में निभा रहे बड़ी भूमिका

मऊ (Mau) जनपद में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों की सहायता करने के उद्देश्य से एक नई पहल शुरू की गई है। इस पहल की सबसे खास बात यह है कि इसके केंद्र में शहर कोतवाल अनिल सिंह हैं, जो स्वयं राष्ट्रीय स्तर के वॉलीबॉल खिलाड़ी रह चुके हैं। खेल के प्रति उनका लगाव और खिलाड़ियों के संघर्ष को करीब से समझने का अनुभव अब जिले के उभरते खिलाड़ियों के लिए उम्मीद बनता दिखाई दे रहा है। उनकी प्रेरणा से पुलिस अधिकारी, व्यवसायी और खेल प्रेमी मिलकर ऐसे खिलाड़ियों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं, जो प्रतिभाशाली होने के बावजूद संसाधनों के अभाव से जूझ रहे हैं।

खिलाड़ियों के बीच समय बिता रहे अनिल सिंह:
शहर कोतवाल अनिल सिंह प्रतिदिन स्थानीय स्टेडियम में करीब डेढ़ घंटा खिलाड़ियों के साथ बिताते हैं। इस दौरान वह केवल निरीक्षण नहीं करते, बल्कि खिलाड़ियों के साथ अभ्यास भी करते हैं और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास करते हैं। खिलाड़ियों से संवाद कर उनकी जरूरतों को जानना और उन्हें मानसिक रूप से प्रोत्साहित करना भी उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। खेल जीवन में संघर्ष झेल चुके अनिल सिंह खिलाड़ियों की आर्थिक और सामाजिक परेशानियों को अच्छी तरह समझते हैं।

आर्थिक अभाव से जूझ रही थी स्नेहा:
इसी दौरान उन्हें 16 वर्षीय एथलेटिक्स खिलाड़ी स्नेहा की आर्थिक स्थिति की जानकारी मिली। स्नेहा लगातार चार बार राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी है और बेहतर प्रदर्शन कर चुकी है, लेकिन आर्थिक तंगी उसके खेल जीवन में बड़ी बाधा बनी हुई थी। आधुनिक स्पोर्ट्स शूज़ की कीमत लगभग 21 हजार रुपए होने के कारण उसके माता-पिता उन्हें खरीद पाने में सक्षम नहीं थे। संसाधनों की कमी के बावजूद स्नेहा सामान्य जूतों में अभ्यास करने को मजबूर थी, जिससे उसकी तैयारी प्रभावित हो रही थी।

मदद के लिए आगे आए कारोबारी:
जब स्नेहा ने अपनी समस्या शहर कोतवाल अनिल सिंह को बताई, तब उन्होंने तुरंत मदद की पहल की। उनकी प्रेरणा से शहर की एक टीवीएस एजेंसी के संचालक शादाब आगे आए और स्नेहा को आधुनिक स्पोर्ट्स शूज़ उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। इस सहयोग के बाद स्नेहा को वह संसाधन मिल सका, जिसकी उसे लंबे समय से जरूरत थी।

स्नेहा का बढ़ा आत्मविश्वास:
स्नेहा का कहना है कि बेहतर संसाधन मिलने से उसका आत्मविश्वास पहले से अधिक मजबूत हुआ है। अब वह और अधिक मेहनत के साथ अभ्यास कर रही है और देश के लिए पदक जीतने का सपना देख रही है। उसका मानना है कि यदि खिलाड़ियों को समय पर सही सहयोग और सुविधाएं मिलें, तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

समाज के सहयोग से बदल सकती तस्वीर:
टीवीएस एजेंसी संचालक शादाब ने कहा कि यदि समाज का हर सक्षम व्यक्ति किसी एक खिलाड़ी की जिम्मेदारी उठा ले, तो मऊ खेल के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है। उनका मानना है कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती, लेकिन सही समय पर सहयोग मिलना खिलाड़ियों के भविष्य को नई दिशा दे सकता है।

जिले में चर्चा का विषय बनी पहल:
शहर कोतवाल अनिल सिंह की यह पहल अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। खिलाड़ी उन्हें केवल पुलिस अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि प्रेरणा और भरोसे के प्रतीक के रूप में देखने लगे हैं। अपराध नियंत्रण की जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का उनका प्रयास लोगों को प्रभावित कर रहा है। स्थानीय स्तर पर इस पहल को खेल और समाज के बीच सकारात्मक समन्वय की मिसाल माना जा रहा है।

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