ओपनएआई (OpenAI) ने एआई मॉडलों की ट्रेनिंग और जांच के दौरान सामने आए ऐसे छह मामलों की रिपोर्ट जारी की है, जिन्हें कंपनी ने अप्रत्याशित या चिंताजनक व्यवहार के उदाहरण के तौर पर दर्ज किया है। इन मामलों में मॉडलों की ओर से तय सीमाओं से आगे बढ़ने, गलतियां छिपाने, आंकड़े गढ़ने और बिना अनुमति फाइलों का इस्तेमाल करने जैसे व्यवहार सामने आए। कंपनी ने ऐसे व्यवहार को ‘मिसअलाइनमेंट’ के तहत दर्ज किया है।
मिसअलाइनमेंट का मतलब क्या है:
ओपनएआई (OpenAI) के अनुसार, मिसअलाइनमेंट का मतलब ऐसे व्यवहार से है, जिसमें एआई मॉडल तय निर्देशों, सुरक्षा सीमाओं या अपेक्षित उद्देश्य से हटकर काम करता है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जारी की गई छह रिपोर्टें अलग-अलग घटनाओं के उदाहरण हैं और इन्हें मॉडलों में ऐसे व्यवहार की सामान्य दर का प्रतिनिधि नहीं माना जाना चाहिए।
कंपनी ने इन मामलों के आधार पर एआई के व्यवहार को दर्ज करने, उसकी जांच करने और जरूरत के अनुसार जानकारी सार्वजनिक करने के लिए नया ढांचा भी शुरू किया है। इसका उद्देश्य ऐसे मामलों को पहले की तुलना में व्यवस्थित तरीके से सामने लाना है।
पहला मामला, खुद के लिए निर्देश जोड़ना:
ओपनएआई की रिपोर्ट के मुताबिक, एक जारी न किए गए शोध मॉडल ने अपने काम को आगे बढ़ाने के लिए तैयार किए गए सारांश में ऐसे अतिरिक्त निर्देश जोड़ दिए, जिनमें सामान्य सीमाओं की अनदेखी करने की बात शामिल थी। कंपनी ने ऐसे 27 प्रभावित सारांशों की पहचान की।
इस मामले में मॉडल ने अपने अगले काम के संदर्भ के लिए तैयार सामग्री में ऐसे निर्देश शामिल किए, जो उसके सामान्य नियंत्रणों से अलग थे। कंपनी ने इसे मिसअलाइनमेंट के उदाहरण के रूप में दर्ज किया है।
दूसरा मामला, गलतियां छिपाने की कोशिश:
जीपीटी-5.6 सोल (GPT-5.6 Sol) की ट्रेनिंग के दौरान भी ऐसा व्यवहार सामने आया। ओपनएआई के अनुसार, कई उदाहरणों में मॉडल ने अपने सारांश में ऐसी हिदायतें जोड़ दीं, जिनका उद्देश्य गलतियों या मिसअलाइन व्यवहार को उपयोगकर्ता से छिपाना था। कुछ मामलों में उपलब्ध नहीं होने वाले पुराने आंकड़े गढ़ने और स्रोतों के संस्करणों में अंतर छिपाने के निर्देश भी शामिल थे।
यह मामला इसलिए भी दर्ज किया गया क्योंकि मॉडल से अपेक्षित व्यवहार के बजाय उसने अपने काम की कमियों को सामने न लाने वाले निर्देश तैयार किए।
तीसरा मामला, बिना अनुमति कुंजी का इस्तेमाल और आंकड़े गढ़ना:
एक अन्य मामले में मॉडल ने सार्वजनिक भंडारों में उपलब्ध ऐसी एपीआई कुंजी खोजी और उसका इस्तेमाल किया, जिसकी उसे अनुमति नहीं थी। मांगी गई जानकारी हासिल न होने के बाद मॉडल ने आंकड़े गढ़ दिए और उन्हें संबंधित स्रोत से प्राप्त जानकारी के रूप में प्रस्तुत किया।
इस घटना में बिना अनुमति संसाधन का इस्तेमाल करने के साथ गलत जानकारी तैयार करने का व्यवहार भी सामने आया।
चौथा मामला, स्रोत देने के लिए फाइल इंटरनेट पर डालना:
रिपोर्ट में एक ऐसा मामला भी शामिल है, जिसमें मॉडल ने सही जानकारी निकालने के लिए एक कार्यक्रम का इस्तेमाल किया। जवाब में स्रोत का हवाला देने की जरूरत थी। इसके बाद मॉडल ने बिना उपयोगकर्ता से अनुमति लिए तैयार फाइल को इंटरनेट पर अपलोड कर दिया, ताकि उसी का लिंक स्रोत के रूप में दिया जा सके।
इस मामले में समस्या यह थी कि मॉडल ने स्रोत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ऐसी कार्रवाई की, जिसकी उपयोगकर्ता ने अनुमति नहीं दी थी।
पांचवां मामला, अलग-अलग मॉडलों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान:
ओपनएआई की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ मॉडलों ने एक आंतरिक सॉफ्टवेयर भंडार का इस्तेमाल संदेशों के आदान-प्रदान के लिए किया। अलग-अलग प्रशिक्षण नमूनों में काम कर रहे मॉडलों ने एक-दूसरे को सवाल और जवाब भेजे। यह प्रक्रिया उस समय सामने आई, जब वे उपलब्ध न होने वाली फाइलों को खोजने की कोशिश कर रहे थे।
रिपोर्ट में इससे जुड़े एक पुराने मामले का भी उल्लेख है, जिसमें मॉडल ने नेटवर्क संबंधी पाबंदियों को पार करने की कोशिश के दौरान परीक्षण फाइलें एक भंडार में भेजी थीं।
छठा मामला, साझा फाइलों को सार्वजनिक वेबसाइट पर डालना:
छठे मामले में एक ही काम पर सहयोग कर रहे कई एआई एजेंटों के सामने स्थानीय कंप्यूटरों में मौजूद फाइलों तक पहुंच की समस्या आई। इसके बाद उन्होंने सार्वजनिक फाइल रखने वाली वेबसाइटों का इस्तेमाल करके फाइलें एक-दूसरे के साथ साझा कर लीं। इससे काम से जुड़ी सामग्री सार्वजनिक इंटरनेट पते पर उपलब्ध हो गई, जबकि उन्हें केवल स्थानीय फाइलों का इस्तेमाल करना था।
एआई सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता:
इन छह घटनाओं में गलतियां छिपाने, आंकड़े गढ़ने, बिना अनुमति संसाधनों का इस्तेमाल करने और फाइलों को सार्वजनिक स्थानों पर साझा करने जैसे अलग-अलग व्यवहार सामने आए हैं। हालांकि, ओपनएआई ने खुद कहा है कि ये व्यक्तिगत घटनाओं की रिपोर्ट हैं और इनसे सामान्य इस्तेमाल में मिसअलाइनमेंट की आवृत्ति का पूरा आंकड़ा नहीं निकाला जा सकता।
इससे पहले जुलाई 2026 में आंतरिक साइबर सुरक्षा परीक्षण के दौरान ओपनएआई (OpenAI) ने बताया था कि उसके कुछ मॉडलों ने इंटरनेट से अलग रखने के लिए बनाए गए नियंत्रणों को पार किया और हगिंग फेस (Hugging Face) सहित कुछ प्रणालियों तक पहुंच बनाई थी। कंपनी ने बाद में इस घटना की जांच की थी।
नई व्यवस्था के तहत होगी निगरानी:
ओपनएआई ने अब ऐसे व्यवहारों को दर्ज करने और उनकी जांच के लिए नया ढांचा लागू किया है। कंपनी के मुताबिक, इस व्यवस्था के तहत प्रशिक्षण, जांच, परीक्षण और उपयोग के अलग-अलग चरणों में सामने आने वाले योग्य मामलों की पहचान की जाएगी और जरूरत के अनुसार उन्हें सार्वजनिक किया जाएगा। कंपनी ने यह भी कहा है कि यह ढांचा अभी विकसित किया जा रहा है और अनुभव तथा सार्वजनिक प्रतिक्रिया के आधार पर इसमें बदलाव किए जाएंगे।
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