लखनऊ: मोबाइल की किश्त न भरने पर युवक को बंधक बनाकर निकाला खून, मजदूरी भी कराई; दो रिकवरी एजेंट गिरफ्तार
लखनऊ। निगोहां थाना पुलिस ने मोबाइल की किस्त जमा नहीं कर पाने के मामले में एक युवक को कथित तौर पर बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट करने, जबरन मजदूरी कराने और उसकी इच्छा के विरुद्ध रक्त निकलवाने के आरोप में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने युवक को करीब चार दिन तक बंधक बनाकर रखा था। मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर नियमानुसार न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश की जा रही है।
शिकायत के बाद दर्ज हुआ मुकदमा:
पुलिस के अनुसार 14 सितंबर 2026 को जदुराई पत्नी स्वर्गीय शिवलाल, निवासी ग्राम राजारामखेड़ा मजरा पुरहिया, थाना निगोहां, जनपद लखनऊ (Lucknow) ने थाने में लिखित प्रार्थना पत्र दिया था। शिकायत में बताया गया कि उनके बेटे नेवल कुमार ने किस्त पर मोबाइल फोन खरीदा था। मोबाइल की किस्त जमा नहीं होने पर 8 सितंबर 2026 को शुभम सिंह और उसका एक साथी उनके घर पहुंचे और नेवल कुमार को मोबाइल की दुकान पर ले जाने की बात कहकर अपने साथ ले गए।
शिकायत के मुताबिक, इसके बाद नेवल कुमार को करीब चार दिन तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उससे मजदूरी कराई गई और उसके साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि युवक के शरीर से रक्त निकलवाकर उसे बेच दिया गया। इसके अलावा किस्त के नाम पर 2,799 रुपये ऑनलाइन लिए जाने की बात भी कही गई।
घटना के संबंध में प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना निगोहां में मुकदमा संख्या 125/2026 धारा 143(3), 146, 127(3) और 115(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत दर्ज किया गया।
तीन पुलिस टीमों ने शुरू की जांच:
पुलिस के अनुसार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस उपायुक्त दक्षिणी के स्तर से तत्काल तीन पुलिस टीमों का गठन किया गया। टीमों ने मामले की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी और मैनुअल साक्ष्यों के साथ स्थानीय सूचना तंत्र की मदद ली।
जांच के आधार पर 17 सितंबर 2026 को पुलिस ने अनिकेत सिंह उर्फ काका और सुशान्त शर्मा को गिरफ्तार किया। दोनों को नियमानुसार कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। पुलिस के मुताबिक मामले में शामिल एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताई कथित भूमिका:
पुलिस के अनुसार पूछताछ में सुशान्त शर्मा ने बताया कि वह टीवीएस क्रेडिट सर्विसेज लिमिटेड (TVS Credit Services Limited), बीबीडी विराज टावर, विभूतिखंड, लखनऊ में प्रबंधक के पद पर कार्य करता है। उसके अनुसार उसका काम वित्तपोषण के माध्यम से मोटरसाइकिल, मोबाइल, टीवी आदि सामान लेने वाले ग्राहकों से ऋण की किस्त की वसूली कराना था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बताया कि शुभम सिंह उसी कंपनी में क्षेत्रीय अभिकर्ता के तौर पर काम करता है और अनिकेत सिंह उर्फ काका भी किस्त वसूली के काम से जुड़ा था। पूछताछ में कथित तौर पर बताया गया कि नेवल किशोर के घर कई बार किस्त की वसूली के लिए जाने के बावजूद उसके नहीं मिलने के बाद उसे गांव के बाहर से अपने साथ ले जाने की योजना बनाई गई।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने यह भी बताया कि नेवल को रक्त निकलवाने के लिए समाधान चैरिटेबल ब्लड सेंटर ले जाया गया, जहां उसकी इच्छा के विरुद्ध एक इकाई रक्त निकलवाने और उसे अन्य साथियों के साथ बेचने की बात कही गई। इसके बाद युवक को शुभम के घर पर बंधक रखे जाने और चार दिन तक छत का प्लास्टर तोड़ने की मजदूरी कराने की बात पूछताछ में सामने आई। पुलिस के अनुसार किस्त की रकम भी युवक से वसूल की गई।
दो आरोपी गिरफ्तार, एक की तलाश:
पुलिस ने मामले में अनिकेत सिंह उर्फ काका, उम्र 26 वर्ष, पुत्र अरुण कुमार, निवासी मोहल्ला उदयगंज, हरि मजार के पास, थाना हुसैनगंज, लखनऊ और सुशान्त शर्मा, उम्र 31 वर्ष, पुत्र रमेश गौतम, निवासी राजाजीपुरम, थाना तालकटोरा, लखनऊ को गिरफ्तार किया है।
मामले में थाना निगोहां में दर्ज मुकदमा संख्या 125/2026 के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार अन्य आरोपी की तलाश की जा रही है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम:
कार्रवाई करने वाली टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजेश कुमार दीक्षित, उपनिरीक्षक ओमप्रकाश पाण्डेय, उपनिरीक्षक मनीष कुमार, आरक्षी अरविन्द कुमार पटेल, आरक्षी कैलाश राणा, आरक्षी मुनेन्द्र कुमार और महिला आरक्षी आरती शामिल रहीं।
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रिपोर्टर: अनुज कुमार