पेपर लीक में दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास और एक करोड़ का जुर्माना!
अपने स्वार्थ और लालच के लिए छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों की अब खैर नहीं कयोंकि योगी सरकार ने पेपर लीक के दोषियों की कठोर सज़ा का इंतज़ाम कर रही है जी हाँ, यूपी में सिपाही भर्ती परीक्षा और आरओ-एआरओ परीक्षा में हुए पेपर लीक को देखते हुए योगी सरकार उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अध्यादेश 2024 लेकर आएगी। इसके तहत पेपर लीक में दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास तक और एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इस प्रस्ताव को योगी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। वहीं, पेपर लीक या अन्य कारणों से परीक्षा प्रभावित होती है तो उस पर आने वाले खर्च की भरपाई सॉल्वर गैंग से वसूली कर की जाएगी। साथ ही परीक्षा में गड़बड़ी करने वाली कंपनियों और सेवा प्रदाताओं को हमेशा के लिए ब्लैक लिस्ट किया जाएगा।

दो बड़ी परीक्षाओं के पेपर लीक होने से उठे थे बड़े सवाल
प्रदेश में कई भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामले सामने आ चुके हैं। विशेषकर सिपाही भर्ती और समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ/एआरओ) भर्ती परीक्षा के पेपर लीक होने के बाद पूरी प्रणाली को लेकर सवाल खड़े हुए थे। लाखों अभ्यर्थियों की कड़ी मेहनत पर पानी फिरने के साथ ही परीक्षा संचालित कराने वाली संस्थाएं भी कठघरे में रहीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे बेहद गंभीरता से लेते हुए फुलप्रूफ परीक्षा कराने के लिए नए सिरे से व्यवस्था करने के साथ ही कानून बनाने के निर्देश दिए थे। आरक्षी नागरिक पुलिस के 60,244 पदों पर भर्ती के लिए 48 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। लोकसभा चुनाव से पहले भर्ती के लिए 18 व 19 फरवरी को हुई लिखित परीक्षा का पेपर लीक हो गया था।
पेपर लीक के कारण प्रारंभिक परीक्षाएं निरस्त करनी पड़ी थी
24 फरवरी को परीक्षा रद कर दी गई थी। इसके बाद पेपर लीक होने के चलते ही आरओ/एआरओ की दोनों सत्र की प्रारंभिक परीक्षाएं निरस्त करनी पड़ी थी। उप्र लोक सेवा आयोग ने 11 फरवरी, 2024 को आरओ/एआरओ (प्रारंभिक) परीक्षा, 2023 कराई थी। इनसे पहले भी प्रदेश में अन्य परीक्षाओं में भी पेपर लीक के मामले सामने आ चुके हैं। पहले दारोगा भर्ती व टीईटी समेत अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वाले पकड़े भी जाते रहे हैं।