नीट पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र आंदोलन और 25 जुलाई को आयोजित बिहार बंद के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में न्यायिक हिरासत में भेजे गए Tej Pratap Yadav (तेज प्रताप यादव) की Beur Jail (बेउर जेल) में पहली रात कठिन परिस्थितियों में बीती। जेल सूत्रों के अनुसार, उन्होंने शुरुआत में भोजन करने से इनकार कर दिया था। बाद में जेल अधिकारियों के समझाने पर उन्होंने भोजन किया। इसी दौरान उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें जेल अस्पताल के वार्ड में भर्ती कराया गया। फिलहाल उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।
जेल अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी जारी:
जेल सूत्रों के मुताबिक, Tej Pratap Yadav (तेज प्रताप यादव) अपने साथ Bhagavad Gita (भगवद गीता) लेकर जेल पहुंचे हैं और उसका अध्ययन भी कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि चिकित्सकों की निगरानी में उनकी तबीयत पर लगातार नजर रखी जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फिलहाल उनकी स्वास्थ्य स्थिति सामान्य बनी हुई है।
समर्थकों ने सरकार पर लगाए आरोप:
इस बीच Jan Shakti Janata Dal (जनशक्ति जनता दल) के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि Bihar Government (बिहार सरकार) जानबूझकर तेज प्रताप यादव के साथ अन्याय कर रही है। कार्यकर्ताओं का दावा है कि उन्हें झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजा गया है, जबकि उनकी तबीयत भी ठीक नहीं है। वहीं, उनकी ओर से अदालत में जमानत याचिका भी दायर कर दी गई है, जिस पर जल्द सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
वकील ने लगाए झूठे आरोपों के दावे:
तेज प्रताप यादव के अधिवक्ता Jagannath Singh (जगन्नाथ सिंह) का कहना है कि उनके मुवक्किल को झूठे आरोपों के आधार पर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। दूसरी ओर, उनके समर्थकों ने गिरफ्तारी को असंवैधानिक बताते हुए सरकार से उनके खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग की है। यह पक्ष संबंधित लोगों के दावों पर आधारित है।
पुलिस ने हिंसा के लिए उकसाने का लगाया आरोप:
Patna Police (पटना पुलिस) के अनुसार, 25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान Ramgulam Chowk (रामगुलाम चौक) पर हुए प्रदर्शन में तेज प्रताप यादव पर प्रदर्शनकारियों को हिंसा के लिए उकसाने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर उन्हें ACJM Court (एसीजेएम कोर्ट) में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में Beur Jail (बेउर जेल) भेजने का आदेश दिया।
SSP Patna (एसएसपी पटना) Kartikeya Sharma (कार्तिकेय शर्मा) ने बताया कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तेज प्रताप यादव के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है और मामले की जांच नियमानुसार आगे बढ़ाई जा रही है।
नीट पेपर लीक के विरोध में किया था प्रदर्शन:
25 जुलाई को Tej Pratap Yadav (तेज प्रताप यादव) अपने समर्थकों के साथ तिरंगा लेकर बिहार बंद को सफल बनाने के उद्देश्य से प्रदर्शन में शामिल हुए थे। उनका प्रदर्शन NEET (नीट) पेपर लीक मामले और तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan (धर्मेंद्र प्रधान) के इस्तीफे की मांग को लेकर था। Gandhi Maidan (गांधी मैदान) स्थित Gandhi Statue (गांधी प्रतिमा) के पास उन्होंने धरना दिया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। उस समय उन्होंने कहा था कि वह छात्रों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया था, लेकिन अब इसी प्रकरण से जुड़े आरोपों में उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
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