अखिलेश के सामने ही भिड़े सपा नेता, अखिलेश ने कहा – पैसों की गर्मी हो गई है, फिर लिया…
लखनऊ। समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को एटा-कासगंज जिलों में पार्टी की स्थिति और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में बैठक बुलाई थी। बैठक में दोनों जिलों के करीब 250 नेता और पदाधिकारी मौजूद थे। अखिलेश यादव संगठन की स्थिति, चुनावी तैयारियों और पार्टी की जमीनी सक्रियता को लेकर नेताओं से जानकारी ले रहे थे। इसी दौरान दो नेताओं के बीच कहासुनी हो गई, जिसके बाद बैठक का माहौल असहज हो गया।
चुनावी तैयारियों पर चर्चा के दौरान विवाद:
बैठक के दौरान पूर्व एमएलसी रमेश यादव के भतीजे और सपा नेता मंजीत यादव पिछले चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन और हार के कारणों को लेकर अपनी बात रख रहे थे। इसके बाद एटा के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव बोलने के लिए खड़े हुए। जुगेंद्र सिंह यादव की बातों के दौरान कुछ शब्दों को लेकर मंजीत यादव ने आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
बैठक में मौजूद नेताओं ने दोनों को शांत कराने और माहौल संभालने का प्रयास किया, लेकिन विवाद बढ़ता गया। देखते ही देखते दोनों के बीच कहासुनी होने लगी। पार्टी की बैठक में मौजूद अन्य नेताओं के सामने हुए इस विवाद से माहौल असहज हो गया।
अखिलेश यादव ने दोनों नेताओं को बाहर कराया:
विवाद बढ़ने पर अखिलेश यादव ने दोनों नेताओं को अनुशासन में रहने के लिए कहा। इसके बावजूद मामला शांत नहीं हुआ। इसके बाद अखिलेश यादव नाराज हो गए और उन्होंने मंजीत यादव तथा जुगेंद्र सिंह यादव को बैठक से बाहर निकलवा दिया।
इस दौरान अखिलेश यादव ने नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सभी बड़े नेता हैं और उनसे सलाह मांगी जानी चाहिए। उन्होंने पार्टी के अनुशासन और व्यवहार को लेकर भी नाराजगी जताई। अखिलेश यादव ने कहा कि जब कोई व्यक्ति पार्टी की बात नहीं मानता और उसका व्यवहार खराब होता है, तो ऐसी स्थिति में क्या किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यह सब पैसे की गर्मी है और ज्यादा पैसा होने पर व्यक्ति पार्टी को छोड़कर चला जाता है।

बैठक के बाद एटा-कासगंज संगठन भंग:
विवाद के बाद अखिलेश यादव बैठक छोड़कर चले गए। इसके करीब एक घंटे बाद एटा और कासगंज दोनों जिलों की पार्टी इकाइयों को भंग कर दिया गया। पूरा घटनाक्रम शनिवार को लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में हुई बैठक के दौरान हुआ था, जबकि इसका वीडियो बाद में सामने आया।
इसके बाद सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने एटा और कासगंज के संगठन को लेकर कार्रवाई की। जारी पत्र के अनुसार दोनों जिलों के जिलाध्यक्ष, जिला कार्यकारिणी, फ्रंटल संगठनों के जिलाध्यक्ष और उनकी कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया। इसके अलावा एटा-कासगंज से जुड़े सपा की राज्य कार्यकारिणी के पदाधिकारियों और सदस्यों को भी उनके पदों से हटा दिया गया। इस तरह कार्रवाई केवल जिलाध्यक्षों तक सीमित नहीं रही, बल्कि दोनों जिलों की पूरी संगठनात्मक टीम को भंग किया गया।

कौन हैं जुगेंद्र सिंह यादव?:
जुगेंद्र सिंह यादव एटा के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। वर्तमान में उनकी पत्नी रेखा यादव एटा की जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। जुगेंद्र सिंह यादव ने 2017 और 2022 में एटा सदर विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन दोनों चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार जुगेंद्र सिंह यादव के खिलाफ जमीन कब्जे और गैंगस्टर एक्ट समेत कई आपराधिक मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। 9 मार्च 2023 को पुलिस ने उन्हें मथुरा के जैत क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। उस समय उन पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित होने की जानकारी दी गई थी। गिरफ्तारी के बाद उन्हें एटा जिला जेल में रखा गया था और गैंगस्टर मामले में पुलिस ने उनके खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल किया था। सितंबर 2025 में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्हें एटा जेल से रिहा किया गया था।
जुगेंद्र के भाई रामेश्वर सिंह यादव का राजनीतिक सफर:
जुगेंद्र सिंह यादव के बड़े भाई रामेश्वर सिंह यादव तीन बार विधायक रह चुके हैं। वह पहली बार 1996 में अलीगंज विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। इसके बाद 2002 और 2012 में भी उन्होंने अलीगंज से विधानसभा चुनाव जीता। हालांकि 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
9 जून 2022 को पुलिस ने रामेश्वर सिंह यादव को आगरा से गिरफ्तार किया था। अगले दिन 10 जून को कोर्ट में पेश किए जाने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। शुरुआत में उन्हें एटा जेल में रखा गया था, जिसके बाद अलीगढ़ जेल स्थानांतरित किया गया।
रामेश्वर सिंह यादव और जुगेंद्र सिंह यादव के खिलाफ 18 अप्रैल 2022 को गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। सितंबर 2025 में हाईकोर्ट से रामेश्वर सिंह यादव को भी जमानत मिलने की जानकारी दी गई थी।
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