अयोध्या (Ayodhya) स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra Trust) की पहली बैठक होने जा रही है। इस बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय (Champat Rai) और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा (Dr. Anil Mishra) के इस्तीफे पर निर्णय लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, दोनों का इस्तीफा स्वीकार किए जाने की संभावना है। दोनों ने 26 जून को अपने पद से इस्तीफा दिया था।
बैठक का स्थान बदला गया:
रविवार देर रात ट्रस्ट की बैठक का स्थान बदल दिया गया। पहले यह बैठक मणिरामदास छावनी में प्रस्तावित थी, लेकिन अब दोपहर तीन बजे राम मंदिर परिसर में आयोजित होगी। सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था और मीडिया से दूरी बनाए रखने को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया गया है। बैठक में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा को भी शामिल होने के लिए बुलाया गया है। उल्लेखनीय है कि 5 फरवरी 2020 को ट्रस्ट के गठन के बाद अब तक लगभग सभी बैठकों का संचालन चंपत राय ही करते रहे हैं।
चोरी की जांच में सामने आए नए तथ्य:
सूत्रों के अनुसार, चढ़ावा चोरी मामले की जांच में पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी कथित रूप से मोजों और जेब में नोट छिपाकर बाहर ले जाते थे। पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों की सहायता से डिलीट किए गए सीसीटीवी फुटेज भी रिकवर कर लिए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, फुटेज में कुछ लोग चोरी करते हुए दिखाई दे रहे हैं, हालांकि उनके चेहरे स्पष्ट नहीं हैं। पुलिस फुटेज की गुणवत्ता बेहतर कराने का प्रयास कर रही है।
ट्रस्टी के इस्तीफे और हटाने की प्रक्रिया:
ट्रस्ट के नियमों के अनुसार, यदि कोई ट्रस्टी ट्रस्ट के हितों के विरुद्ध कार्य करता है तो उसे दो-तिहाई बहुमत से हटाया जा सकता है। इसके लिए पहले कारण बताओ नोटिस जारी करना आवश्यक होता है और संबंधित ट्रस्टी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है। इसी प्रकार किसी ट्रस्टी के इस्तीफे के लिए कम से कम एक माह का लिखित नोटिस देना होता है। केवल इस्तीफा देने से पद समाप्त नहीं माना जाता, बल्कि ट्रस्ट की बैठक में उस पर विचार कर उसे स्वीकार या अस्वीकार किया जाता है।
बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा संभव:
भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) के प्रवक्ता आरपी सिंह (RP Singh) ने कहा कि ट्रस्ट की बैठक में विशेष जांच दल की अब तक की जांच रिपोर्ट पर चर्चा होगी। इसके अलावा नए मुख्य कार्यपालक अधिकारी की नियुक्ति, दो ट्रस्टियों के इस्तीफे, पिछले वर्ष के वित्तीय विवरण तथा ट्रस्ट की आगामी कार्यप्रणाली जैसे विषयों पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के राम रक्षा आंदोलन को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
विहिप नेता ने बताया बैठक का मुख्य एजेंडा:
विश्व हिंदू परिषद (Vishwa Hindu Parishad) के नेता सुरेंद्र जैन (Surendra Jain) ने कहा कि बैठक का सबसे महत्वपूर्ण विषय चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे हैं। उन्होंने कहा कि आरोप सामने आने के बाद विशेष जांच दल का गठन किया गया और प्राथमिकी दर्ज हुई। इसके बाद दोनों ट्रस्टियों ने इस्तीफा दिया। ट्रस्ट के नियमों के अनुसार उनके इस्तीफे पर अंतिम निर्णय ट्रस्ट की बैठक में ही लिया जाएगा।
बैठक से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी:
बैठक को देखते हुए अयोध्या (Ayodhya) में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। राम मंदिर परिसर के गेट नंबर 11 पर बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस ने बैठक शुरू होने से पहले चारपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने की भी तैयारी की है। बैठक से पहले फैजाबाद (Faizabad) के पूर्व सांसद लल्लू सिंह (Lallu Singh) ने ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास (Nritya Gopal Das) से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।
मंदिर व्यवस्था को लेकर उठी मांग:
सिद्ध पीठ नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास (Mahant Ramdas) ने कहा कि राम जन्मभूमि मंदिर की व्यवस्था साधु परंपरा के अनुसार होनी चाहिए, न कि बाबूशाही व्यवस्था के आधार पर। उनका कहना था कि यदि मंदिर का संचालन रामानंदी परंपरा के अनुरूप होगा तो व्यवस्थाएं और बेहतर हो सकती हैं।
बैठक में पहुंचे ट्रस्ट के सदस्य:
राम मंदिर ट्रस्ट (Ram Mandir Trust) के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी (Govind Dev Giri), शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती (Vasudevanand Saraswati) तथा युगपुरुष परमानंद (Yugpurush Parmanand) बैठक में भाग लेने के लिए पहुंच चुके हैं। वहीं, चढ़ावा चोरी मामले में मुकदमा दर्ज कराने वाले कृष्ण मोहन (Krishna Mohan) भी अयोध्या पहुंच गए हैं। सूत्रों के अनुसार ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, के. पराशरण (K. Parasaran) और केंद्र सरकार के पदेन सदस्य ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल होंगे।
डिप्टी सीएम ने दी राजनीतिक प्रतिक्रिया:
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक (Brajesh Pathak) ने अयोध्या धाम की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस (Congress) और समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) पर भी राजनीतिक टिप्पणी करते हुए राम मंदिर और अयोध्या से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
आर्थिक लेनदेन की भी हो रही जांच:
पुलिस जांच में सामने आया है कि राम मंदिर में चढ़ावा गिनने वाले अविनाश शुक्ला (Avinash Shukla) ने नया मकान बनवाया, ब्रेजा कार खरीदी तथा कथित तौर पर अपनी परिचित को दो लाख रुपये स्थानांतरित किए और एक आईफोन भी उपहार में दिया। पुलिस के अनुसार, अविनाश की मासिक सैलरी 15 हजार रुपये थी। जांच एजेंसी अब आरोपियों के साथ-साथ उनके परिजनों के बैंक खातों की भी जांच कर रही है। अयोध्या पुलिस ने प्रतापगढ़ (Pratapgarh) के जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय (Abhishek Pandey) को पत्र लिखकर पिछले दो वर्षों में अविनाश द्वारा खरीदी गई संपत्तियों का विवरण भी मांगा है।
रामचरितमानस को लेकर भी आया बयान:
विश्व हिंदू परिषद (Vishwa Hindu Parishad) के नेता प्रकाश शर्मा (Prakash Sharma) ने दावा किया कि सोने से मढ़ी रामचरितमानस पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने इसका एक वीडियो भी जारी किया और कहा कि इसे सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। इससे पहले पूर्व केंद्रीय गृह सचिव लक्ष्मी नारायण (Laxmi Narayan) ने दावा किया था कि उनके द्वारा ट्रस्ट को भेंट की गई सोने से मढ़ी रामचरितमानस का पता नहीं चल रहा है और इसकी रसीद भी उन्हें नहीं मिली थी।
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