Video:राम को लेकर स्वामी प्रसाद मौर्य का विवादित बयान, बोले- “अगर राम में शक्ति होती तो चोरों को तत्काल दंड मिलता”
गाजीपुर (Ghazipur) में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) द्वारा दिए गए बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। कासिमाबाद (Kasimabad) तहसील के कुत्तुपुर (Kuttupur) गांव में आयोजित कुशवाहा समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान समारोह में उन्होंने भगवान राम और हनुमान से जुड़े धार्मिक प्रसंगों पर अपनी राय व्यक्त की। उनके बयान के बाद विभिन्न स्तरों पर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है।
कार्यक्रम में रखे अपने विचार:
सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) ने राम मंदिर से जुड़े एक कथित चोरी के मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि भगवान में शक्ति होती तो चोरों को तत्काल दंड मिल जाता। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि मंदिर की सुरक्षा नहीं हो सकी तो आम लोगों की सुरक्षा को लेकर आस्था के आधार पर किए जाने वाले दावों पर भी विचार किया जाना चाहिए। उनका यह बयान कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
हनुमान से जुड़े प्रसंग पर की टिप्पणी:
अपने संबोधन के दौरान स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) ने हनुमान जी द्वारा सूर्य को निगलने से संबंधित पौराणिक कथा का भी उल्लेख किया। उन्होंने इस प्रसंग को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी भी बात को आंख मूंदकर स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से तर्क और विज्ञान के आधार पर तथ्यों को परखने की अपील की।
विवेक और तर्क की बात कही:
कार्यक्रम में बोलते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) ने कहा कि किसी भी विषय पर विचार करते समय व्यक्ति को अपने विवेक और समझ का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल किसी ग्रंथ में लिखी बात होने मात्र से उसे स्वीकार नहीं कर लेना चाहिए, बल्कि उसे तर्क और बुद्धि की कसौटी पर परखना भी आवश्यक है।
भगवान बुद्ध के विचारों का किया उल्लेख:
अपने संबोधन में उन्होंने भगवान बुद्ध (Gautam Buddha) के विचारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बुद्ध का संदेश लोगों को सोचने, समझने और तथ्यों का परीक्षण करने की प्रेरणा देता है। इसी संदर्भ में उन्होंने लोगों से किसी भी बात को बिना विचार किए स्वीकार करने के बजाय उसे समझने और परखने का आग्रह किया।
बयान के बाद बढ़ी चर्चा:
स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) के इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। कार्यक्रम में दिए गए उनके विचारों को लेकर विभिन्न वर्गों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, इस संबंध में विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाएं आने का सिलसिला जारी है।
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।
#SwamiPrasadMaurya #Ghazipur #Kasimabad #RamMandir #Politics
रिपोर्ट: प्रदीप शर्मा
ब्यूरो : हसीन अंसारी