गाज़ीपुर (Ghazipur) रेलवे स्टेशन सिटी (Ghazipur City Railway Station) पर पैदल गश्त के दौरान जीआरपी (GRP) पुलिस की सतर्कता और संवेदनशीलता से एक परिवार की दो वर्षों की तलाश आखिरकार पूरी हो गई। प्लेटफॉर्म पर घूम रहे एक युवक से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसकी पहचान कराई और उसके परिजनों से संपर्क स्थापित किया। इसके बाद युवक को सकुशल उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया। इस भावुक मिलन के दौरान परिजनों ने जीआरपी पुलिस की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
प्लेटफॉर्म पर घूमते युवक से की गई पूछताछ:
जानकारी के अनुसार, जीआरपी (GRP) थाना गाज़ीपुर सिटी (Ghazipur City) के थानाध्यक्ष पवन कुमार (Pawan Kumar) पैदल गश्त पर थे। इसी दौरान रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर घूम रहे एक युवक को रोककर उससे पूछताछ की गई। युवक ने अपना नाम धन्नू कुमार राजभर (Dhannu Kumar Rajbhar) पुत्र रमाशंकर राजभर (Ramashankar Rajbhar) निवासी करम्मर, थाना खिजुड़ी, जनपद बलिया (Ballia) बताया। उसने पुलिस को बताया कि वह करीब दो वर्षों से अपने घर नहीं गया है, मजदूरी कर अपना गुजारा करता है और प्लेटफॉर्म पर ही सो जाता है।
थाने लाकर की गई विस्तृत जांच:
युवक को थाने लाकर उससे विस्तार से पूछताछ की गई। पुलिस ने उसका आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला, लेकिन उसके खिलाफ किसी भी प्रकार का कोई मामला दर्ज नहीं मिला। जब उससे परिजनों का मोबाइल नंबर पूछा गया तो वह कोई जानकारी नहीं दे सका। इसके बाद पुलिस ने सी-प्लान (C-Plan) की सहायता से उसके गांव के कोटेदार अवध बिहारी सिंह (Avadh Bihari Singh) का संपर्क नंबर प्राप्त किया और उनके माध्यम से युवक के परिजनों को सूचना दी।
दो साल बाद बेटे को देख भावुक हुए पिता:
सूचना मिलने के बाद युवक के पिता रमाशंकर राजभर अपने अन्य परिजनों के साथ जीआरपी थाना गाज़ीपुर सिटी पहुंचे। उन्होंने युवक की पहचान अपने बेटे के रूप में की और बताया कि वह करीब दो वर्ष पहले घर से नाराज होकर चला गया था। परिवार ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चल पाया था। वहीं धन्नू कुमार ने भी अपने पिता की पहचान की, जिसके बाद पुलिस ने सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए उसे सकुशल उसके पिता की सुपुर्दगी में सौंप दिया।
जीआरपी पुलिस की कार्यशैली की हुई सराहना:
अपने बेटे से दो साल बाद मिलकर रमाशंकर राजभर भावुक हो गए। परिवार के अन्य सदस्य भी इस पुनर्मिलन से बेहद खुश नजर आए। उन्होंने जीआरपी थाना गाज़ीपुर सिटी (GRP Ghazipur City) पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली और तत्परता की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। परिजनों ने कहा कि पुलिस की सजगता और मानवीय पहल के कारण उनका बिछड़ा बेटा उन्हें दोबारा मिल सका।
संवेदनशील पुलिसिंग की बनी मिसाल:
यह पूरा घटनाक्रम पुलिस की मानवीय संवेदनाओं और जिम्मेदार कार्यशैली का उदाहरण बनकर सामने आया है। समय रहते की गई पूछताछ, पहचान की प्रक्रिया और परिजनों तक सूचना पहुंचाने के प्रयासों ने एक परिवार को दो वर्षों बाद फिर से एक साथ ला दिया।
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रिपोर्ट : सऊद अंसारी
ब्यूरो: हसीन अंसारी