गाज़ीपुर: ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत गाजीपुर पुलिस को सफलता, दुष्कर्म आरोपी दोषी करार
गाज़ीपुर (Ghazipur) में नाबालिग से दुष्कर्म के एक चर्चित मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला उत्तर प्रदेश पुलिस (Uttar Pradesh Police) द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन (Operation Conviction)” अभियान के तहत प्रभावी पैरवी के बाद आया है। मामले में न्यायालय ने आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया है। इस कार्रवाई को गाजीपुर पुलिस (Ghazipur Police) की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश (Director General of Police Uttar Pradesh) द्वारा संचालित ऑपरेशन कन्विक्शन के अंतर्गत गंभीर अपराधों में त्वरित और प्रभावी न्याय सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष की सशक्त पैरवी के चलते नाबालिग से जुड़े इस संवेदनशील मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध पाया।
क्या था पूरा मामला:
यह मामला थाना खानपुर (Khanpur Police Station) क्षेत्र में वर्ष 2018 में दर्ज हुए मुकदमे से संबंधित है। अभियुक्त गौतम पुत्र हरिलाल निवासी ग्राम खानपुर पर नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने, उसके साथ दुष्कर्म करने तथा धमकी देने के आरोप में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया के बाद प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन था।
न्यायालय ने सुनाई 10 वर्ष की सजा:
दिनांक 06 जून 2026 को मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन शाखा की लगातार प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने आरोपी गौतम को दोषी करार दिया। न्यायालय ने उसे संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के प्रावधानों के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय के इस फैसले को पीड़ित पक्ष के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अर्थदंड भी किया गया निर्धारित:
कारावास की सजा के अतिरिक्त न्यायालय ने आरोपी पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि अभियुक्त निर्धारित अर्थदंड जमा नहीं करता है तो उसे एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
ऑपरेशन कन्विक्शन का दिखा प्रभाव:
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों की नियमित निगरानी की जाती है और अभियोजन पक्ष को मजबूत बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जाते हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अपराधियों को समयबद्ध तरीके से सजा मिले और पीड़ितों को न्याय प्राप्त हो सके। गाजीपुर पुलिस की यह सफलता इसी अभियान की प्रभावशीलता को दर्शाती है।
महिला एवं बाल अपराधों पर सख्त नजर:
पुलिस अधीक्षक गाजीपुर (Superintendent of Police Ghazipur) के अनुसार महिला और बच्चों से संबंधित अपराधों के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। ऐसे मामलों की लगातार समीक्षा की जाती है ताकि कोई भी दोषी कानून की पकड़ से बच न सके। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।
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रिपोर्ट : सऊद अंसारी
ब्यूरो: हसीन अंसारी