लखनऊ में 600 से ज़्यादा बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य में सुधार: सनशाइन बाय लिसन की पहल



Lucknow: भारत के प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य प्लेटफ़ॉर्म लिसन के विशेष डिवीज़न, सनशाइन बाय लिसन ने लखनऊ में 600 से ज़्यादा बच्चों और किशोरों की ज़िंदगी में सकारात्मक बदलाव लाने का दावा किया है। यह पहल बच्चों के विकास और थेरेपी सेवाओं पर केंद्रित है, जिसमें स्पीच डिले, हाइपरएक्टिविटी, ध्यान व एकाग्रता की समस्या, सेंसरी इंटीग्रेशन चुनौतियाँ, मोटर स्किल डिले, लर्निंग डिसेबिलिटी और ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर जैसी स्थितियों में विशेष सहायता दी जा रही है।
शहर के दो सेंटरों पर 15 प्रशिक्षित थेरेपिस्ट और प्रोफेशनल्स की टीम काम कर रही है। इनमें स्पीच थेरेपी और ऑक्यूपेशनल थेरेपी को सबसे अधिक रिस्पॉन्स मिला है, जिससे बच्चों को बोलने में सुधार, हाइपरएक्टिविटी कंट्रोल करने, ध्यान और सेंसरी स्किल्स मज़बूत करने में मदद मिली है। यह सफलता श्री राम ग्लोबल स्कूल, किड्ज़ी प्रीस्कूल, फर्स्टक्राय इंटेलिटॉट्स, यूरोकिड्स और जीडी गोयनका टॉडलर्स जैसे नामी स्कूलों और बाल रोग विशेषज्ञों के सहयोग से संभव हुई।

टीयर-2 शहरों तक पहुँचाने का लक्ष्य, परिवारों को मिल रही उम्मीद

लिसन के को-फाउंडर तरुण गुप्ता ने कहा, “हम मानते हैं कि हर बच्चे को सही माहौल और मार्गदर्शन मिलना चाहिए। लखनऊ में मिले सकारात्मक नतीजे हमें प्रेरित करते हैं कि बच्चों के लिए सस्ता, सुलभ और असरदार मानसिक स्वास्थ्य इकोसिस्टम बनाएं। जब पेरेंट्स हमें बताते हैं कि उनके बच्चे बोलना सीख रहे हैं, ध्यान लगाने लगे हैं, या समाज में आत्मविश्वास से घुल-मिल रहे हैं, तो यह हमारी टीम और हर परिवार की संयुक्त जीत है।”
उत्तर प्रदेश हेड श्रेया मलिक ने बताया कि स्कूलों, डॉक्टरों और लोकल कम्युनिटी के साथ साझेदारी शुरुआती दखल के लिए अहम है। उन्होंने कहा कि बाराबंकी, सीतापुर, गोरखपुर जैसे आसपास के ज़िलों से भी लोग मदद लेने आ रहे हैं, क्योंकि वहाँ सुविधाएँ सीमित हैं। पेरेंट्स की बढ़ती मांग कंपनी को टीयर-2 शहरों तक गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ पहुँचाने के लिए प्रेरित कर रही है।

राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की बड़ी योजना

फिलहाल, सनशाइन बाय लिसन देशभर में 20 सेंटर चला रहा है, जबकि 2025 के अंत तक इसे 40 तक और अगले 2–4 साल में 200 से भी अधिक सेंटर तक पहुँचाने की योजना है। लखनऊ में वर्तमान में चल रहे दो सेंटरों को 2025–26 तक बढ़ाकर चार करने की तैयारी है। कंपनी आगे स्कूलों में शुरुआती स्क्रीनिंग, कॉलेज व कोचिंग संस्थानों में स्टूडेंट वेलनेस प्रोग्राम, पीडियाट्रिक हेल्थकेयर नेटवर्क से जुड़ाव, वर्कशॉप और वेलनेस कैंप जैसी पहलें भी शुरू करने जा रही है।

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