लखनऊ। श्री राम स्वरुप कॉलेज में फर्जी विधि (Law) डिग्री देने के मामले में अब कानूनी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में गुरुवार को इस मामले को लेकर जनहित याचिका दाखिल की गई। यह याचिका सौरभ सिंह नामक व्यक्ति की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ शंकर दुबे और अनिमेष उपाध्याय ने दायर की है।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि कॉलेज के पास विधि शिक्षा की मान्यता नहीं है, इसके बावजूद छात्रों का एडमिशन लिया गया और उन्हें डिग्रियाँ दी गईं। याचिका में कहा गया है कि यह न केवल छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, बल्कि संविधान और शिक्षा व्यवस्था दोनों के खिलाफ है।
याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय से मांग की है कि सरकार को इस मामले में जांच समिति गठित करने का आदेश दिया जाए और ऐसे सभी संस्थानों पर तत्काल कार्रवाई की जाए, जो बिना मान्यता छात्रों को प्रवेश देकर डिग्रियाँ बाँट रहे हैं। मामला सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में गहरी चिंता है। शिक्षा के नाम पर हो रही इस तरह की अनियमितताओं को लेकर कड़ा कदम उठाने की मांग तेज हो गई है।
फर्जी विधि डिग्री मामला: श्री राम स्वरुप कॉलेज के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका

