Video:गाजीपुर में पंचायत सहायकों का प्रदर्शन, 14 सूत्रीय मांगों को लेकर डीएम को सौंपा ज्ञापन

गाजीपुर (Ghazipur) में पंचायत सहायकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पंचायत सहायक विकास भवन (Vikas Bhawan) से कलेक्ट्रेट (Collectorate) तक जुलूस निकालकर अपनी आवाज बुलंद करने पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान पंचायत सहायकों ने अपनी 14 सूत्रीय मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला (Anupam Shukla) को सौंपा और समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।

प्रदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए पंचायत सहायकों ने भाग लिया। उनका कहना है कि ग्राम पंचायतों में संचालित विभिन्न योजनाओं और डिजिटल सेवाओं के संचालन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। इसी को लेकर उन्होंने संगठित होकर अपनी मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा।

विकास भवन से कलेक्ट्रेट तक निकाला जुलूस:

पंचायत सहायकों ने अपनी मांगों के समर्थन में विकास भवन (Vikas Bhawan) से कलेक्ट्रेट (Collectorate) तक जुलूस निकाला। इस दौरान बड़ी संख्या में पंचायत सहायक मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई और प्रशासन से शीघ्र समाधान की अपेक्षा जताई।

14 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन:

प्रदर्शन के बाद पंचायत सहायकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला (Anupam Shukla) को सौंपा। ज्ञापन में पंचायत सहायकों ने अपनी 14 सूत्रीय मांगों का उल्लेख करते हुए उन पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं होती है तो आगे आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।

मानदेय बढ़ाने की प्रमुख मांग:

पंचायत सहायकों ने वर्तमान में मिलने वाले छह हजार रुपये मासिक मानदेय को अपर्याप्त बताया। उनका कहना है कि ग्राम पंचायतों में विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के बावजूद उन्हें अपेक्षित आर्थिक सुविधा नहीं मिल रही है। उन्होंने मांग की कि उनका मानदेय ग्राम पंचायत सचिव के समकक्ष किया जाए अथवा न्यूनतम कुशल मजदूरी के आधार पर निर्धारित किया जाए।

सुविधाओं और संसाधनों की भी उठाई मांग:

प्रदर्शनकारियों ने पंचायत सचिवालयों में कंप्यूटर, प्रिंटर और फर्नीचर जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अलावा ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू करने, पंचायत सहायक पोर्टल विकसित करने, इंटरनेट और स्टेशनरी खर्च के लिए अलग बजट निर्धारित करने तथा विभागीय मोबाइल फोन उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई गई।

स्थायी सेवा नियमावली की मांग:

पंचायत सहायकों ने विभागीय पहचान पत्र जारी करने और स्थायी सेवा नियमावली लागू करने की मांग भी रखी। उनका कहना है कि इससे उनके कार्यों को अधिक व्यवस्थित रूप से संचालित करने में सहायता मिलेगी और कार्य के दौरान पहचान संबंधी समस्याओं का समाधान हो सकेगा।

अगस्त तक निर्णय नहीं हुआ तो कार्य बहिष्कार की चेतावनी:

पंचायत सहायकों ने चेतावनी दी है कि यदि अगस्त 2026 तक उनकी मांगों पर कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 15 सितंबर 2026 से पूरे उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में पंचायत सहायक कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और अब उन पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

जिलाधिकारी ने दिया आश्वासन:

जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला (Anupam Shukla) ने पंचायत सहायकों को आश्वस्त किया कि जिला स्तर से संबंधित समस्याओं के समाधान का प्रयास प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। वहीं शासन स्तर से जुड़ी मांगों को संबंधित स्तर तक पहुंचाया जाएगा। हालांकि पंचायत सहायकों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी मांगों के समाधान तक संघर्ष जारी रखेंगे।

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गाज़ीपुर ब्यूरो: हसीन अंसारी

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