Video: कैंसर पीड़ित बेटे को सीएम ने दिलाई राहत
रिपोर्ट: सऊद अंसारी
Lucknow: शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से रूबरू होकर उनकी समस्याओं को सुना और तुरंत समाधान के निर्देश दिए। इस अवसर पर एक बुजुर्ग मां की आंखों में छलकते आंसू और उसके बेटे की पीड़ा ने मुख्यमंत्री को द्रवित कर दिया। कानपुर की गरीब महिला ने अपने कैंसर पीड़ित बेटे के इलाज के लिए मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद सीएम योगी ने उसे सीधे कल्याण सिंह सुपर स्पेशियिलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भेजने के निर्देश दिए।
सरकारी एंबुलेंस से सीधे अस्पताल
‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक-एक कर सभी 50 से अधिक पीड़ितों से मुलाकात की। हर व्यक्ति के प्रार्थना पत्र को ध्यान से पढ़ने के बाद अफसरों को तत्काल उचित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इस बीच, कानपुर की बुजुर्ग महिला ने बताया कि उसके बेटे का कैंसर है और इलाज के लिए उनके पास आयुष्मान कार्ड भी नहीं है। उनकी यह कहानी सुनते ही मुख्यमंत्री ने तुरंत सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध करवाई और बच्चे को सीधे अस्पताल भिजवाया। वहां उसकी जांच और उपचार तुरंत शुरू कर दिया गया।
नर सेवा ही नारायण सेवा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य हर नागरिक की मदद करना है। उन्होंने कहा कि सेवा को ही नारायण सेवा मानकर सभी पीड़ितों की समस्याओं को निस्तारित किया जा रहा है। चाहे किसी भी माध्यम से सरकार तक शिकायत पहुंचे, उसे तुरंत सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि जरूरतमंदों के इलाज और आर्थिक सहायता के लिए सरकार लगातार कदम उठाती रहेगी।
अन्य पीड़ितों की फरियाद भी सुनी गई
‘जनता दर्शन’ में कानपुर, मथुरा-वृंदावन, लखनऊ और नोएडा सहित कई जिलों के लोग अपनी परेशानियों के साथ आए। अवैध निर्माण, साइबर फ्रॉड, बिजली, प्रशासन, राजस्व और पुलिस से जुड़ी समस्याओं के लिए भी लोगों ने सीएम से मदद मांगी। मुख्यमंत्री ने हर व्यक्ति की फरियाद सुनी और अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया।
बच्चों को भी दिया अपनत्व का अहसास
कार्यक्रम में कई छोटे बच्चे भी आए, जिन्हें मुख्यमंत्री ने दुलार किया और हाथ फेरा। उन्होंने बच्चों को चॉकलेट और टॉफी भी बांटी, जिससे बच्चों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी। मुख्यमंत्री का यह कदम बच्चों और परिवारों में अपनत्व और सुरक्षा का अहसास बढ़ाने वाला रहा।
नवरात्रि में उम्मीद की किरण
शारदीय नवरात्रि के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह पहल प्रदेशवासियों के लिए उम्मीद की किरण साबित हुई। एक मां की चिंता और पीड़ा को सुनकर तत्काल कार्रवाई करने का यह उदाहरण बताता है कि प्रदेश सरकार न केवल योजनाओं के माध्यम से, बल्कि व्यक्तिगत रूप से भी लोगों के साथ खड़ी है।