Azam Khan: इस बार आजम खां पर दांव नहीं लगाएगी सपा

लोकसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने अपने 16 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। मुरादाबाद मंडल की संभल सीट पर भी प्रत्याशी घोषित कर दिया गया है। सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां, उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और बेटा अब्दुल्ला इस समय जेल में बंद हैं। 

ऐसे में सपा के लिए रामपुर लोकसभा सीट से प्रत्याशी की तलाश करना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा। रामपुर को समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां का गढ़ माना जाता है। 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में सपा नेता आजम खां ने भाजपा प्रत्याशी व पूर्व सांसद जयाप्रदा को एक लाख से अधिक वोटों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की थी। 

हालांकि, सांसद बनने के बाद आजम खां की मुश्किलें बढ़ गईं और उन पर तमाम मुकदमे दर्ज हुए। उन्हें 27 माह जेल में रहना पड़ा। 2022 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद उन्होंने लोकसभा से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद हुए उपचुनाव में रामपुर सीट पर भाजपा का कब्जा हो गया और घनश्याम लोधी सांसद बने।

पिछले साल अक्तूबर में अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाणपत्र मामले में कोर्ट ने उन्हें सात साल की सजा सुना दी। इस समय सपा नेता आजम खां सीतापुर जेल में सजा काट रहे हैं। इसी मामले में उनके बेटे अब्दु्लला आजम हरदोई जेल में और पत्नी डॉ. तंजीन फात्मा रामपुर जेल में सजा काट रही हैं। इस सजा के चलते आजम परिवार के ये तीनों सदस्य चुनाव लड़ने के योग्य भी नहीं रह गए हैं। ऐसे में रामपुर में सपा के लिए चुनौती बढ़ गई है।

सपा ने लोकसभा चुनाव के लिए जारी की गई अपनी पहली सूची में संभल से डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। ऐसे में मंडल की अन्य सीटों के दावेदारों की धड़कनें तेज हो गई हैं। आजम खां के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट पर हुए लोकसभा उपचुनाव में सपा ने आसिम रजा को अपना प्रत्याशी बनाया था, लेकिन भाजपा के घनश्याम लोधी ने उन्हें हरा दिया था। 

इसके बाद रामपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भी सपा ने आसिम रजा को अपना प्रत्याशी बनाया था, लेकिन उसमें भाजपा प्रत्याशी आकाश सक्सेना ने उन्हें शिकस्त दे दी थी। ऐसे में रामपुर सीट से आजम का विकल्प तलाश करना सपा के लिए बड़ी चुनौती होगी।

जेल से ही चुनाव जीत गए थे आजम
सपा नेता आजम खां का रुतबा जेल में रहते हुए भी कायम रह चुका है। आजम खां 2022 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान सीतापुर जेल में बंद थे। उन्होंने जेल में रहते हुए रामपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था और बड़ी जीत दर्ज की थी।

उन्होंने भाजपा के प्रत्याशी आकाश सक्सेना को पराजित कर दिया था। हालांकि, उनकी विधायकी जाने के बाद हुए उपचुनाव में सपा प्रत्याशी आसिम रजा को हराकर आकाश सक्सेना विधायक बन गए।

टिकट तय करने में रहती थी आजम की बड़ी भूमिका
सपा नेता आजम खां के कद की बात की जाए तो पार्टी हाईकमान मुरादाबाद मंडल के प्रत्याशियों की घोषणा से पहले उनकी मर्जी जानता था। सपा से जुड़े जानकारों का कहना है कि टिकट तय करते समय आजम खां की की मर्जी चलती थी। सपा नेता जिसे चाहते थे उसको ही मंडल में लोकसभा या फिर विधानसभा चुनाव के लिए टिकट दिला देते थे।

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