उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बाराबंकी (Barabanki) में शुक्रवार दोपहर सनसनीखेज वारदात में माफिया मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) के कथित शूटर शोएब किदवई उर्फ बॉबी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना उस समय हुई जब वह कार से लखनऊ (Lucknow) से बाराबंकी की ओर जा रहा था। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से इलाके में दहशत फैल गई और कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए।
असेनी मोड़ के पास घेरकर हमला:
पुलिस के मुताबिक लखनऊ–अयोध्या हाईवे पर कोतवाली क्षेत्र के असेनी मोड़ के पास हाईवे से करीब 100 मीटर आगे बढ़ते ही दो बाइक सवार बदमाशों ने उसकी कार को घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावरों ने बेहद नजदीक से पिस्टल से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जब तक शोएब स्थिति को समझ पाता, उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी गईं। सूत्रों का कहना है कि 25 से अधिक गोलियां चलाई गईं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर कार में ही गिर पड़ा।
अस्पताल में मौत की पुष्टि:
घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर अयोध्या की दिशा में फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कार की जांच में कई स्थानों पर गोलियों के निशान पाए गए हैं, जो हमले की तीव्रता को दर्शाते हैं।
फॉरेंसिक जांच और अधिकारियों की मौजूदगी:
वारदात की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल को सील कर दिया गया। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र करने की प्रक्रिया शुरू की। आईजी प्रवीण कुमार, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की पहचान के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
आपराधिक पृष्ठभूमि और संभावित रंजिश:
शोएब किदवई उर्फ बॉबी पर हत्या, रंगदारी और गैंगवार से जुड़े कई मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) की मौत के बाद गैंग के भीतर वर्चस्व को लेकर तनाव और आपसी रंजिश की चर्चा रही है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हत्या के पीछे की असली वजह की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी। फिलहाल सभी संभावित एंगल पर जांच की जा रही है।
जेलर रमाकांत तिवारी हत्याकांड से जुड़ा नाम:
शोएब बॉबी का नाम चर्चित जेलर रमाकांत तिवारी (Ramakant Tiwari) हत्याकांड में भी सामने आया था। 4 फरवरी 1999 को लखनऊ (Lucknow) में उस समय जेलर पर हमला किया गया था, जब वह तत्कालीन जिलाधिकारी सदाकांत के आवास से बैठक कर लौट रहे थे। राजभवन के पास बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। इस मामले में मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) और समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के बागी विधायक अभय सिंह (Abhay Singh) समेत कई लोगों को नामजद किया गया था। बाद में अदालत ने सभी आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया था।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच:
बाराबंकी (Barabanki) में हुई इस ताजा वारदात के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज कर दी है। हाईवे और आसपास के क्षेत्रों में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाएगी तथा दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
दिनदहाड़े हुई इस घटना ने एक बार फिर अपराध जगत की गतिविधियों पर चर्चा तेज कर दी है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।
#Barabanki #MukhtarAnsari #UttarPradesh #CrimeNews #HighwayShootout

