Video:लखीमपुर खीरी: रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया वन विभाग का बाबू, खुली भ्रष्टाचार की पोल
लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) जिले में वन विभाग की छवि को धूमिल करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां लखनऊ (Lucknow) की एंटी करप्शन टीम ने डीएफओ नार्थ कार्यालय में तैनात एक बाबू को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है और पूरे मामले को गंभीरता से देखा जा रहा है।
रिश्वत लेते पकड़ा गया बाबू:
जानकारी के अनुसार, विक्रांत सिंह नेगी (Vikrant Singh Negi) को एंटी करप्शन टीम ने 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बिलोवी हाल के पास की गई, जहां वह कथित रूप से अवैध धन ले रहा था। बताया जा रहा है कि आरोपी ने वनकर्मी इंदल सिंह (Indal Singh) से उसके स्थानांतरण के नाम पर 8 हजार रुपये की मांग की थी।
शिकायत के बाद बिछाया गया जाल:
जब इंदल सिंह ने इस अवैध मांग का विरोध किया तो उसने पूरे मामले की शिकायत एंटी करप्शन टीम से की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और आरोपी को रिश्वत लेते हुए मौके पर ही पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद मौके पर मौजूद लोगों में भी हड़कंप मच गया।
पहले से विवादों में रहा है आरोपी:
सूत्रों के अनुसार विक्रांत सिंह नेगी (Vikrant Singh Negi) का रिकॉर्ड पहले से ही संदिग्ध और अनुशासनहीनता से भरा रहा है। वह दुधवा टाइगर रिजर्व (Dudhwa Tiger Reserve) के बफर जोन कार्यालय में तैनाती के दौरान कई बार अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह पाया गया। उस पर शराब के नशे में ड्यूटी करने, सहकर्मियों से अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और मारपीट जैसे गंभीर आरोप भी लग चुके हैं।
निलंबन और बहाली का सिलसिला:
इन आरोपों के चलते उसे 25 सितंबर 2024 को निलंबित किया गया था और वह 14 फरवरी 2025 तक निलंबन में रहा। इसके बाद भी उसके व्यवहार में सुधार नहीं देखा गया और 9 अप्रैल 2025 को वह कथित रूप से नशे की हालत में कार्यालय पहुंचकर अव्यवस्था फैलाने लगा। इसके बाद 10 सितंबर 2025 को उसे एक बार फिर निलंबित कर दिया गया था।
वन विभाग की सख्त कार्रवाई:
वन विभाग (Forest Department) के अधिकारियों ने समय-समय पर उसके खिलाफ कार्रवाई कर अनुशासन बनाए रखने की कोशिश की। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि विभाग भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम कर रहा है। इसके बावजूद हालिया घटना ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी:
हाल ही में बहाली के बाद भी आरोपी द्वारा रिश्वत लेने की घटना सामने आने के बाद एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया को नियमानुसार आगे बढ़ाया जा रहा है। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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रिपोर्टर: हर्ष गुप्ता