गोरक्षपीठाधीश्वर ने किया नवरात्र की महाअष्टमी पूजन

रिपोर्ट: रविन्द्र चौधरी

Gorakhpur: शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार देर शाम गोरखनाथ मंदिर स्थित शक्तिपीठ में महाअष्टमी पूजा और हवन का विधिविधानपूर्वक अनुष्ठान संपन्न किया। इस महानिशा पूजा में वैदिक मंत्रों के बीच जगतजननी मां आदिशक्ति की आराधना कर लोकमंगल की प्रार्थना की गई।

गोरखनाथ मंदिर में विशेष अनुष्ठान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर बाद लखनऊ से गोरखपुर पहुंचे और पहले कुसम्ही जंगल स्थित बुढ़िया माई मंदिर में दर्शन पूजन किया। इसके बाद गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। मंदिर में गुरु गोरखनाथ के दर्शन और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधिस्थल पर शीश नवाने के बाद देर शाम उन्होंने महाअष्टमी पूजा में भाग लिया।

अनुष्ठान दो घंटे से अधिक चला। इस दौरान गोरक्षपीठाधीश्वर ने गौरी-गणेश पूजन, वरुण पूजन, पीठ पूजन, यंत्र पूजन, मां दुर्गा का विधिवत् पूजन, राम-लक्ष्मण-सीता, कृष्ण एवं गोमाता पूजन, नवग्रह पूजन, विल्व पूजन, अधिष्ठात्री देवता पूजन, शस्त्र पूजन, द्वादश ज्योर्तिलिंग-अर्धनारीश्वर एवं शिव-शक्ति पूजन, बटुक भैरव, काल भैरव और त्रिशूल पर्वत पूजन किया।

हवन वेदी पर ब्रह्मा, विष्णु, रूद्र और अग्नि देवता का आह्वान किया गया और शक्तिपीठ में उगे जौ के पौधों को काटकर मां दुर्गा से लोकमंगल की प्रार्थना की गई। महाअष्टमी पूजा श्रीदुर्गा सप्तसती के पाठ और वैदिक मंत्रों के साथ पूर्ण हुई।

श्रद्धालुओं की उपस्थिति

इस अवसर पर काशी से आए जगद्गुरु स्वामी संतोषाचार्य उर्फ सतुआ बाबा, गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ और बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित रहे। अंत में आरती और क्षमा याचना के बाद प्रसाद वितरित किया गया।

महानवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा और कन्या पूजन

गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर स्थित अपने आवास के शक्तिपीठ में बुधवार, 1 अक्टूबर को महा नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना करेंगे। इसके बाद कन्या पूजन का अनुष्ठान होगा। परंपरा अनुसार कुंवारी कन्याओं के पांव पखारकर उन्हें भोजन कराया जाएगा और दक्षिणा व उपहार दिए जाएंगे। इस अवसर पर बटुक पूजन भी किया जाएगा।

विजयदशमी पर शोभायात्रा और राज्याभिषेक

विजयदशमी के पावन पर्व पर 2 अक्टूबर, गुरुवार को गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिवावतार गुरु गोरखनाथ का विशिष्ट पूजन करेंगे। इसके बाद गोरखनाथ मंदिर से पारंपरिक विजयदशमी शोभायात्रा का शुभारंभ होगा। शोभायात्रा का समापन मानसरोवर रामलीला मैदान में होगा, जहां गोरक्षपीठाधीश्वर प्रभु श्रीराम का पूजन और राज्याभिषेक करेंगे।

नवरात्र का सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व

गोरखनाथ मंदिर में आयोजित यह महाअष्टमी और महानवमी पूजा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह गोरक्षपीठ की परंपरा और लोक संस्कृति को भी जीवंत रखती है। इन अनुष्ठानों के माध्यम से नवरात्र पर्व में भक्तों की आस्था और श्रद्धा को नए आयाम मिलते हैं।

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