लखनऊ: पशुपालन विभाग में कथित अनियमितताओं पर संघ ने उठाए सवाल

लखनऊ, 20 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा संघ ने पशुपालन विभाग में कथित वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। संघ का कहना है कि प्रदेश सरकार की ओर से पशुपालन और गोवंश संरक्षण के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जा रहा है, इसके बावजूद प्रदेश में गोवंश की संख्या में कमी होना चिंता का विषय है। इसी मुद्दे को लेकर संघ ने अपना पक्ष सार्वजनिक रूप से रखने की तैयारी की है।

उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा संघ के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि गोवंश संरक्षण और पशुपालन से जुड़े कार्यों के लिए सरकार द्वारा बजट उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके बावजूद गोवंश की संख्या में कमी का दावा सामने आना कई सवाल खड़े करता है। संघ ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है।

दवा खरीद से नियुक्तियों तक लगाए आरोप:

संघ की ओर से जारी प्रेस नोट में पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के कार्यकाल से संबंधित कई मामलों में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। इनमें दवा खरीद, स्लॉटर हाउस से लेवी, अवैध नियुक्तियों और बजट आवंटन से जुड़े मामले शामिल हैं।

इसके अलावा संघ ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उत्तर प्रदेश पशुधन विकास बोर्ड (CEO, UPLDB) के साथ सेक्स-सॉर्टेड सीमेन से संबंधित मामलों में भी कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया है। संघ का कहना है कि इन सभी मामलों की निष्पक्ष तरीके से जांच कराई जानी चाहिए, ताकि तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सके।

गोवंश संख्या में कमी को लेकर जताई चिंता:

उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा संघ का दावा है कि कथित अनियमितताओं के कारण प्रदेश में गोवंश की संख्या में 37.18 प्रतिशत की कमी आई है। संघ ने इसे गंभीर विषय बताते हुए कहा कि इसका प्रभाव किसानों और पशुपालकों पर भी पड़ रहा है।

संघ के मुताबिक, पशुपालन और गोवंश संरक्षण से जुड़े मामलों में पारदर्शिता तथा प्रभावी व्यवस्था आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए संघ ने पूरे मामले को प्रदेश सरकार के सामने रखने और जांच की मांग करने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामला लाने की तैयारी:

संघ ने कहा कि कथित अनियमितताओं से जुड़े मामलों को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया जाएगा। संघ की मांग है कि संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाए।

संघ का कहना है कि उसका उद्देश्य प्रदेश के पशुपालकों के हितों से जुड़े मुद्दों को सामने रखना है। इसी क्रम में पदाधिकारी पत्रकारों के सामने अपना पक्ष रखेंगे और सरकार से मामले में प्रभावी कार्रवाई की मांग करेंगे।

21 अगस्त को होगी प्रेस वार्ता:

उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा संघ की ओर से 21 अगस्त 2026 को शाम 4 बजे प्रेस वार्ता आयोजित की जाएगी। प्रेस वार्ता में संघ के पदाधिकारी पशुपालन विभाग से जुड़े कथित वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोपों पर अपना पक्ष पत्रकारों के सामने रखेंगे।

प्रेस वार्ता के दौरान संघ की ओर से दवा खरीद, स्लॉटर हाउस से लेवी, नियुक्तियों, बजट आवंटन और सेक्स-सॉर्टेड सीमेन से जुड़े मामलों का उल्लेख किए जाने की बात कही गई है। संघ सरकार से इन मामलों की जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग करेगा।

उल्लेखनीय है कि संघ की ओर से लगाए गए ये आरोप प्रेस नोट में किए गए दावों पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी में नहीं है। संबंधित अधिकारियों या विभाग की ओर से इन आरोपों पर कोई पक्ष इस प्रेस नोट में उपलब्ध नहीं कराया गया है।

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