देवरिया: जल संसाधन परियोजनाओं की समीक्षा, किसानों की सिंचाई व्यवस्था सुधारने पर डीएम का जोर

देवरिया (Deoria) में किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने और जल संसाधन से जुड़ी परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी (District Magistrate) मधुसूदन हुल्गी (Madhusudan Hulgi) ने कलेक्ट्रेट (Collectorate) सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में जल निगम (Jal Nigam) ग्रामीण एवं शहरी, बाढ़ खंड, सिंचाई, नलकूप तथा लघु सिंचाई विभाग की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को सिंचाई में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।

बंद नलकूपों को प्राथमिकता से चालू कराने के निर्देश:

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने लघु सिंचाई विभाग (Minor Irrigation Department) और नलकूप विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि विद्युत दोष अथवा अन्य कारणों से बंद पड़े सभी नलकूपों को शीघ्र चालू कराया जाए। उन्होंने अधीक्षण अभियंता विद्युत को निर्देश दिए कि खराब नलकूपों की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर कराई जाए, ताकि किसानों को सिंचाई के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

ड्रेनों की सफाई और सड़कों की मरम्मत में तेजी लाने के निर्देश:

जिलाधिकारी ने बाढ़ एवं सिंचाई विभाग को जनपद की ड्रेनों की सफाई का कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही जल निगम (Jal Nigam) को पाइपलाइन बिछाने के बाद क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की तत्काल अस्थायी मरम्मत कराने के लिए कहा। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि इन कार्यों की प्रगति संबंधी आख्या 10 जुलाई को पूर्वाह्न 9:30 बजे तक अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए।

56 ड्रेनों की सफाई कार्य की हुई समीक्षा:

बैठक में ड्रेनों की सफाई की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जनपद में कुल 56 ड्रेन हैं। इनमें से 16 ड्रेनों की सफाई इस वर्ष कराई जा चुकी है, जबकि 22 ड्रेनों की सफाई पिछले वर्ष कराई गई थी। इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी (Chief Development Officer) राजेश कुमार सिंह (Rajesh Kumar Singh) को ड्रेनों के सर्वेक्षण कार्य का नियमित अनुश्रवण करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिशासी अभियंता सिंचाई को साफ कराई गई सभी ड्रेनों की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए कहा।

जल निगम और भूजल संसाधनों की भी हुई समीक्षा:

बैठक में जल निगम (Jal Nigam) ग्रामीण एवं शहरी इकाइयों के कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी निर्माण एवं विकास कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। इसके साथ ही भूजल संसाधनों की स्थिति का भी आकलन किया गया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए, ताकि जल प्रबंधन से संबंधित योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना का अधिक लाभ दिलाने पर जोर:

लघु सिंचाई विभाग (Minor Irrigation Department) की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक निजी नलकूप स्थापित कराने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलेगी और कृषि कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सकेंगे। बैठक में जानकारी दी गई कि इच्छुक किसान miup.in पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष निजी नलकूप स्थापना के लिए 1,200 आवेदन प्राप्त हुए थे, जबकि इस वर्ष अब तक 200 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप सभी पात्र आवेदनों पर स्वीकृति की कार्रवाई की जाएगी।

समयबद्ध कार्यों पर दिया गया विशेष जोर:

मुख्य विकास अधिकारी (Chief Development Officer) राजेश कुमार सिंह (Rajesh Kumar Singh) ने भी बैठक में जल संसाधन से जुड़े सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे अपनी कार्ययोजनाओं में तेजी लाएं और सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करें। बैठक में अधिशासी अभियंता बाढ़, जल निगम, लघु सिंचाई, नलकूप तथा जल संसाधन विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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रिपोर्टर- गुड़िया मद्धेशिया

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