लखनऊ: सपा के खिलाफ सनातन रक्षा संगठन का प्रदर्शन, अखिलेश यादव से माफी की मांग

लखनऊ के हजरतगंज में शुक्रवार दोपहर करीब 1:45 बजे सनातन रक्षा संगठन के कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव की प्रतीकात्मक तस्वीर पर चप्पलें बरसाकर अपना विरोध जताया। कुछ कार्यकर्ता भैंस का मुखौटा लगाकर भी प्रदर्शन में पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर नारेबाजी की। ‘सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ और ‘अखिलेश यादव मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाते हुए कार्यकर्ता समाजवादी पार्टी कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे।

गोमूत्र और सनातन को लेकर जताया विरोध:

प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि अखिलेश यादव ने गोमूत्र और सनातन धर्म को लेकर ऐसी टिप्पणी की है, जिसका वे विरोध कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं का कहना था कि समाजवादी पार्टी नेता लगातार गोमूत्र को लेकर बयानबाजी कर रहे हैं। उनका दावा था कि सरकार गोमूत्र की खरीद के जरिए सनातन परंपरा को सम्मान देने के साथ गोवंश पालकों को आर्थिक मदद देने की दिशा में काम कर रही है।

प्रदर्शनकारी इसी मुद्दे को लेकर पोस्टर-बैनर के साथ समाजवादी पार्टी कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को समझाया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।

रज्जन पांडेय ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना:

सनातन रक्षा संगठन के प्रमुख रज्जन पांडेय ने कहा कि प्रदर्शन के माध्यम से अखिलेश यादव को संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव अहीर वंश से आते हैं और उनके अनुसार गौपालन से जुड़ी जिम्मेदारी को समझना चाहिए।

रज्जन पांडेय ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों और गौपालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए योजनाएं चला रही है, लेकिन अखिलेश यादव इन प्रयासों का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने गोमूत्र के औषधीय गुण होने का दावा करते हुए कहा कि इसके औद्योगिकीकरण के लिए सरकार की ओर से योजना चलाई जा रही है।

‘भैंस बुद्धि’ टिप्पणी से बढ़ा राजनीतिक हमला:

रज्जन पांडेय ने वर्ष 2012 से 2017 तक अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहने का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय अखिलेश यादव को सनातन की याद नहीं आई। उनका कहना था कि अब हिंदुओं के वोट अपनी ओर आकर्षित करने के लिए मंदिर बनवाने की बात की जा रही है।

उन्होंने अखिलेश यादव के लिए ‘भैंस बुद्धि’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गोमूत्र के औषधीय गुणों का दावा किया। उन्होंने कहा कि गोमूत्र का इस्तेमाल कुछ दवाओं में किया जाता है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले अखिलेश यादव ने गोबर से गंदगी फैलने को लेकर बयान दिया था।

गौशालाओं के मुद्दे पर भी जताई नाराजगी:

संगठन प्रमुख ने कहा कि जो लोग गौशालाओं का विरोध करते हैं, संगठन उनका विरोध करेगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गौपालन और गोमूत्र से जुड़े विषयों को लेकर सरकार की नीतियों का वे समर्थन करते हैं। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के खिलाफ प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव की प्रतीकात्मक तस्वीर पर चप्पलें बरसाईं। वहीं, भैंस का मुखौटा लगाकर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

पुलिस ने रोककर खत्म कराया प्रदर्शन:

हजरतगंज में प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं का समूह समाजवादी पार्टी कार्यालय की ओर बढ़ रहा था। पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इसके बाद पुलिस ने कार्यकर्ताओं से बातचीत की और उन्हें समझाकर प्रदर्शन समाप्त कराया।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं की नारेबाजी से हजरतगंज में राजनीतिक विरोध का माहौल नजर आया। प्रदर्शनकारियों ने गोमूत्र, गौपालन और सनातन धर्म से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारियों की ओर से अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर लगाए गए आरोप उनके दावे के रूप में हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी की ओर से इन आरोपों पर कोई पक्ष इस जानकारी में सामने नहीं आया है।

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