लखनऊ (Lucknow, उत्तर प्रदेश) में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज प्रदेश में न कोई भय है, न तनाव, न अराजकता और न ही दंगों का खतरा है। उन्होंने ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक का विमोचन करते हुए बताया कि पिछले 9 वर्षों में राज्य की कानून-व्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। अब नवरात्रि और रमजान जैसे त्योहार शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाए जा रहे हैं। अलविदा की नमाज और ईद जैसे अवसर भी बिना किसी अव्यवस्था के संपन्न हो रहे हैं, जिससे लोगों में सुरक्षा का वास्तविक अनुभव कायम हुआ है।
सरकारी नौकरियां और पुलिस भर्ती:
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 से अब तक प्रदेश में 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। इसमें 2,19,000 से अधिक पुलिस भर्ती शामिल हैं, जो कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत आधार देती हैं। उन्होंने कहा कि पहले पुलिस भर्तियों और प्रशिक्षण क्षमता सीमित थी, लेकिन अब पूरे 60,244 पुलिसकर्मियों को प्रदेश में ही प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसमें 20 प्रतिशत महिला पुलिसकर्मी शामिल हैं, जो महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्रशिक्षण और आधुनिक पुलिसिंग:
मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस सुधार के तहत कमिश्नरेट सिस्टम को सात जनपदों में लागू किया गया है। प्रत्येक जिले में साइबर थाने और हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा SDRF को सशक्त बनाया गया और आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया गया। अब पुलिस फील्ड में तेजी से प्रभावी उपाय कर रही है और नागरिकों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है।
पीएसी और महिला बटालियन:
उन्होंने कहा कि 2017 के बाद प्रदेश की पीएसी को पुनर्जीवित किया गया। अब 34 कंपनियां सक्रिय हैं और पहली बार तीन महिला बटालियनों की स्थापना हुई, जिनका नाम वीरांगना ऊदा देवी पासी, वीरांगना झलकारी बाई और वीरांगना अवंती बाई लोधी के नाम पर रखा गया है। इन बटालियनों में संबंधित वीरांगनाओं की अश्वारोही प्रतिमाएं भी स्थापित की जा रही हैं।
भ्रष्टाचार रहित भर्ती और पारदर्शिता:
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और अन्य संस्थानों में भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे और समय पर भर्ती नहीं हो पाती थी। अब भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है। यह प्रक्रिया सरकारी नीतियों और जनता के विश्वास को मजबूत कर रही है।
भविष्य की योजनाएं और विश्वास:
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुधार का कार्य निरंतर जारी है। जनता को सुरक्षा का भरोसा देने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। प्रदेश में अब अपराध नियंत्रण, फॉरेंसिक विज्ञान और स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (SSF) जैसी संस्थाएं प्रभावी तरीके से कार्य कर रही हैं। उनका कहना है कि इन प्रयासों का परिणाम यह है कि उत्तर प्रदेश देश में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का मजबूत मॉडल बन चुका है।
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