गाज़ीपुर/वाराणसी | एसटीएफ ने पूर्वांचल में सक्रिय पिस्टल सप्लाई करने वाले गिरोह पर बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार को फरीदपुर रिंग रोड स्थित बाइपास से तीन लोगों को दबोचा गया। पकड़े गए आरोपियों के पास से 10 पिस्टल, 15 मैगजीन और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। गिरफ्तारी के बाद सभी को सारनाथ थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
मध्य प्रदेश से जुड़ा सप्लायर अभी फरार
एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार गिरोह से जुड़े दो अन्य बदमाश फरार हैं। इनमें मध्य प्रदेश का एक पिस्टल सप्लायर भी शामिल है। पुलिस टीम लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई है।
लंबे समय से एसटीएफ के रडार पर थे तस्कर
एसटीएफ के एएसपी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि असलहा सप्लाई करने वाले इस गिरोह के बारे में कई दिनों से इनपुट मिल रहे थे। इसी आधार पर इंस्पेक्टर पुनीत परिहार को टीम के साथ निगरानी में लगाया गया। लगातार ट्रैकिंग और सूचनाओं के आधार पर आखिरकार तीन बदमाशों को धर दबोचने में सफलता मिली।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पकड़े गए आरोपियों में गाजीपुर के थाना मोहम्मदाबाद अंतर्गत चंदनी कुंडेसर निवासी प्रशांत राय उर्फ जीतू, थाना नोनहरा क्षेत्र के हुत्सेपुर कोठियां निवासी मुकुंद प्रधान और बिहार के बक्सर जनपद थाना सेमरी अंतर्गत गंगौली निवासी राहुल ठाकुर शामिल हैं।
दबंगई से तस्करी तक पहुँचा प्रशांत राय
गिरफ्तार प्रशांत राय अपने इलाके में दबंगई और मारपीट के लिए कुख्यात था। उसका संपर्क गाजीपुर जिले के मलीकपुरा निवासी कुख्यात असलहा तस्कर सुभाष पासी से हुआ। इसी संपर्क के बाद उसे 32 बोर की पिस्टल उपलब्ध कराई गई।
कैसे बढ़ा तस्करी का कारोबार
प्रशांत द्वारा पिस्टल खरीदे जाने की जानकारी गाजीपुर कस्बा करीमुद्दीनपुर निवासी अखंड राय को हुई। अखंड राय ने अपने दो साथियों की मदद से सुभाष पासी से 20 कारतूस की सप्लाई करवाई। इसी तरह धीरे-धीरे प्रशांत और उसके साथी असलहा खरीद-फरोख्त में सक्रिय हो गए और पुलिस की नजरों में आ गए।
मामला दर्ज, आगे की कार्रवाई जारी
एसटीएफ ने बरामद हथियारों के साथ तीनों आरोपियों को सारनाथ थाने के सुपुर्द कर दिया है। उनके खिलाफ केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि फरार बदमाशों को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जाएगा।
पूर्वांचल में छिपा हुआ पिस्टल गिरोह हुआ बेनकाब!
