मेदांता अस्पताल में भर्ती ओमप्रकाश राजभर से मिलने पहुंचे मुख्यमंत्री, हालत स्थिर
रिपोर्ट: सऊद अंसारी
Lucknow: उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर इन दिनों स्वास्थ्य कारणों से लखनऊ स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अस्पताल पहुँचे और उन्होंने मंत्री से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों से भी उपचार संबंधी जानकारी हासिल की और परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
अचानक बिगड़ी तबीयत
कुछ दिन पहले ओमप्रकाश राजभर की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। बताया जाता है कि वे वाराणसी में एक कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे, तभी उन्हें चक्कर आने लगे और बोलने व पहचानने में दिक्कत महसूस हुई। आनन-फानन में उन्हें पहले राजधानी के राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्रारंभिक जांच के बाद उन्हें बेहतर देखभाल के लिए मेदांता अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया।
डॉक्टरों की रिपोर्ट
मेदांता अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुसार, ओमप्रकाश राजभर को हल्का ब्रेन स्ट्रोक (माइनर स्ट्रोक) आया था। इस दौरान उन्हें चक्कर आना, बेहोशी जैसा अनुभव और बोलने में कठिनाई जैसी समस्याएँ सामने आईं। फिलहाल न्यूरोलॉजी विभाग की टीम उनकी निगरानी कर रही है। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी स्थिति अब स्थिर है और स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
संवेदनशीलता का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अस्पताल पहुँचकर की गई यह मुलाकात राजनीतिक और व्यक्तिगत दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों को समय पर और प्रभावी इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने परिवार और समर्थकों को आश्वस्त किया कि सरकार उनकी पूरी देखभाल में साथ खड़ी है।
समर्थकों में चिंता, राहत की खबर
ओमप्रकाश राजभर की तबीयत बिगड़ने की खबर सुनकर पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक चिंतित हो गए थे। हालांकि मेदांता अस्पताल की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन में उनकी हालत को स्थिर बताया गया है, जिससे समर्थकों को राहत मिली है।
सुधार की ओर कदम
डॉक्टरों के अनुसार, अभी उन्हें कुछ दिन और अस्पताल में रहना होगा ताकि पूरी तरह से स्वास्थ्य लाभ हो सके। नियमित जांच और उपचार जारी है। परिजनों ने भी लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और दुआएं करें।
ओमप्रकाश राजभर उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय और प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। उनके अचानक अस्पताल में भर्ती होने से प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियों पर भी सबकी निगाहें टिक गई हैं।