सांसद अफजाल के प्रयास से Ghazipur वालों का Agra – Azmer जाना हुआ आसान! लेकिन क्यों नहीं चाहिए श्रेय?

गाजीपुर (Ghazipur) के दिलदारनगर (Dildarnagar) स्टेशन पर जियारत एक्सप्रेस (Jiyarat Express) के ठहराव की शुरुआत के साथ ही इसके श्रेय को लेकर राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है। बुधवार रात ट्रेन के ठहराव की शुरुआत के दौरान बिहार के जनता दल यूनाइटेड (JDU) सांसद की मौजूदगी ने इस चर्चा को और बढ़ा दिया। वहीं गाजीपुर लोकसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी (SP) सांसद अफजाल अंसारी (Afzal Ansari) की ओर से इस रेल सुविधा से जुड़े मुद्दे को रेलवे कमेटी (Railway Committee) में उठाए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में अब यह सवाल चर्चा में है कि दिलदारनगर में जियारत एक्सप्रेस के ठहराव की पहल किस स्तर पर हुई और इसका श्रेय किसे दिया जाना चाहिए।

रेल सुविधा का मुद्दा रेलवे कमेटी में उठा:

दिलदारनगर स्टेशन पर जियारत एक्सप्रेस के ठहराव की मांग गाजीपुर लोकसभा क्षेत्र से जुड़ी हुई है। क्षेत्र में रेल सुविधाओं से संबंधित समस्याओं और मांगों को संबंधित मंच तक पहुंचाना स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका का हिस्सा है। इसी क्रम में अफजाल अंसारी ने भी अपने संसदीय क्षेत्र से जुड़ी इस समस्या को रेलवे कमेटी की बैठक में उठाया था।

उनका उद्देश्य क्षेत्र के यात्रियों को रेल यात्रा की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना और जियारत एक्सप्रेस का ठहराव दिलदारनगर स्टेशन पर सुनिश्चित कराने की मांग को आगे बढ़ाना था। रेलवे कमेटी की बैठकों में सांसद और कमेटी के सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े रेल संबंधी मुद्दों को रखते हैं। अफजाल अंसारी ने भी इसी प्रक्रिया के तहत दिलदारनगर में ट्रेन के ठहराव की मांग रखी।

ठहराव शुरू होते ही सामने आया श्रेय का सवाल:

बुधवार रात दिलदारनगर स्टेशन पर जियारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर ठहराव की शुरुआत की गई। ट्रेन का रुकना क्षेत्र के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, इसी के साथ इस उपलब्धि का श्रेय लेने को लेकर राजनीतिक चर्चा भी शुरू हो गई।

एक ओर स्थानीय सांसद अफजाल अंसारी की ओर से इस विषय को रेलवे कमेटी में उठाए जाने की बात सामने आई, तो दूसरी ओर कार्यक्रम में बिहार के जनता दल यूनाइटेड (JDU) सांसद की मौजूदगी ने राजनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया। यही वजह है कि अब ट्रेन के ठहराव की पहल और इसके श्रेय को लेकर अलग-अलग दावे चर्चा में हैं।

अफजाल अंसारी ने श्रेय लेने से किया इनकार:

जियारत एक्सप्रेस के ठहराव को लेकर सवाल किए जाने पर अफजाल अंसारी ने कहा कि वह इसका श्रेय नहीं लेना चाहते। उनका कहना है कि यदि किसी को लगता है कि उनके प्रस्ताव या प्रयास की वजह से ट्रेन का ठहराव हुआ है तो वह इसका स्वागत करते हैं, लेकिन इस उपलब्धि का पूरा श्रेय किसी एक व्यक्ति को देना उचित नहीं होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे से जुड़े मुद्दे उठाना सांसदों का अधिकार है। रेलवे कमेटी की बैठकों में जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को रखते हैं। उनके अनुसार, उनके बगल में बैठे सांसद ने भी ट्रेन के ठहराव के लिए पत्र दिया था और वह स्वयं भी इन बैठकों में मौजूद रहते हैं।

स्थानीय सांसद की भूमिका भी चर्चा में:

किसी संसदीय क्षेत्र में रेल सुविधाओं से जुड़ी मांगें सीधे तौर पर स्थानीय लोगों की जरूरतों से संबंधित होती हैं। ऐसे में स्थानीय सांसद की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र की समस्याओं को संबंधित विभाग और संसदीय समितियों के सामने रखते हैं, ताकि उन पर विचार हो सके।

दिलदारनगर में जियारत एक्सप्रेस के ठहराव की मांग भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा रही। अफजाल अंसारी के अनुसार, क्षेत्रीय रेल सुविधाओं से जुड़े विषयों को लगातार संबंधित मंच पर उठाया जाता है। हालांकि, उन्होंने इस उपलब्धि को अपने व्यक्तिगत श्रेय से जोड़ने से इनकार किया है।

अब समय सारणी में सुधार की कोशिश:

जियारत एक्सप्रेस का दिलदारनगर स्टेशन पर ठहराव शुरू होने के बाद अब यात्रियों की सुविधा से जुड़ा अगला मुद्दा ट्रेन की समय सारणी है। क्षेत्र के यात्रियों के लिहाज से ट्रेन के समय को बेहतर कराने का प्रयास किए जाने की बात सामने आई है।

इससे संकेत मिलता है कि रेल सुविधा से जुड़ा प्रयास केवल ट्रेन के ठहराव तक सीमित नहीं है। ठहराव के बाद उसका समय यात्रियों की जरूरत के अनुरूप होना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी दिशा में आगे प्रयास किए जाने की बात कही गई है।

जेडीयू सांसद को लेकर भी हुआ राजनीतिक तंज:

बिहार के नालंदा से जनता दल यूनाइटेड (JDU) सांसद कौशलेन्द्र कुमार के उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ चुनाव लड़ने की बात को लेकर भी अफजाल अंसारी से सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि जेडीयू उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़े।

इसी दौरान उन्होंने राजनीतिक तंज करते हुए कहा कि यदि बिहार के सांसद का प्रयास इतना प्रभावी है तो उत्तर प्रदेश में गाजीपुर से एक सीट मांग लेनी चाहिए। उन्होंने जमनिया विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की बात कहते हुए समाजवादी पार्टी (SP) विधायक ओमप्रकाश सिंह को वॉकओवर देने की बात भी कही।

जनता को मिली सुविधा, सियासत भी हुई तेज:

दिलदारनगर में जियारत एक्सप्रेस का ठहराव शुरू होने से क्षेत्र के यात्रियों को रेल सुविधा मिली है। इस उपलब्धि के साथ राजनीतिक श्रेय को लेकर चर्चा जरूर तेज हुई, लेकिन अफजाल अंसारी ने अपने बयान में व्यक्तिगत श्रेय लेने से दूरी बनाई है।

उनके मुताबिक क्षेत्र की समस्याओं को संबंधित मंच पर उठाना सांसद का अधिकार और जिम्मेदारी है। ऐसे में जियारत एक्सप्रेस का दिलदारनगर में ठहराव किसी एक व्यक्ति के श्रेय के बजाय क्षेत्र के लोगों को मिली रेल सुविधा के रूप में देखा जा सकता है। अब यात्रियों की नजर ट्रेन की समय सारणी में सुधार के प्रयास पर भी रहेगी।

Disclaimer:

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