केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर लेह में बुधवार को हिंसक विरोध प्रदर्शन हुआ। छात्रों और सुरक्षाबलों के बीच हुई झड़प के दौरान प्रदर्शनकारियों ने भाजपा के कार्यालय में आग लगा दी। इस दौरान पुलिस की गाड़ियों पर भी पथराव किया गया और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की एक गाड़ी को भी आग के हवाले कर दिया गया।

यह विरोध प्रदर्शन जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में किया गया, जो पिछले 15 दिनों से अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे। सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन न मिलने के कारण प्रदर्शनकारियों ने आज बंद का आह्वान किया था, जिसके बाद हिंसा भड़क उठी।

दुखद घटना पर सोनम वांगचुक की अपील
हिंसक झड़पों के बाद सोनम वांगचुक ने प्रदर्शनकारियों से हिंसा रोकने की अपील की। उन्होंने कहा, “यह लद्दाख के लिए एक दुखद दिन है। हम पिछले पांच सालों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे थे। हमने भूख हड़ताल की, लेह से दिल्ली तक पैदल मार्च किया। आज हम शांति के मार्ग को असफल होते देख रहे हैं। हर तरफ हिंसा, गोलीबारी और आगजनी हो रही है।”
वांगचुक ने लद्दाख के युवाओं से अपील करते हुए कहा, “मैं लद्दाख की युवा पीढ़ी से अनुरोध करता हूं कि इसे रोक दें। हम अपनी भूख हड़ताल और प्रदर्शन को खत्म कर रहे हैं।” इस मामले को लेकर अगली बैठक 6 अक्टूबर को दिल्ली में होनी है।

अनुच्छेद 370 के बाद की स्थिति
साल 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35A हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया था। उस समय सरकार ने यह भरोसा दिया था कि हालात सामान्य होने पर इन क्षेत्रों को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस दे दिया जाएगा। हालाँकि, पाँच साल बाद भी यह मांग पूरी नहीं हुई है, जिसके कारण लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
कैसे भड़की हिंसा
सोशल मीडिया पर प्रदर्शन की योजना
सरकार की ओर से मांगों को लेकर कोई तत्काल प्रतिक्रिया या बातचीत के संकेत नहीं मिलने पर मंगलवार को सोनम वांगचुक के समर्थकों ने एक योजना बनाई। उन्होंने फैसला किया कि वे लेह में हिल काउंसिल के कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन करेंगे। लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद हिल काउंसिल का दफ्तर सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्र बन गया है। रात में ही सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदर्शन का आह्वान किया गया था, जिसके बाद हजारों की भीड़ जमा हो गई।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प
बुधवार की सुबह हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी लेह के हिल काउंसिल दफ्तर के बाहर जमा होने लगे। पुलिस और केंद्रीय सुरक्षाबलों ने पहले ही बैरिकेडिंग कर दी थी। शुरू में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बहस हुई, जो जल्द ही झड़प में बदल गई।
आगजनी और तोड़-फोड़
भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे, लेकिन इससे प्रदर्शनकारी और उग्र हो गए। उन्होंने सबसे पहले पुलिस की एक गाड़ी में आग लगा दी और तोड़-फोड़ शुरू कर दी। इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारी पास ही स्थित भाजपा कार्यालय में घुस गए और वहां जमकर तोड़-फोड़ और आगजनी की। इस पथराव और हिंसा में कुछ लोगों के घायल होने की खबर भी है।
