सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देशभर में करीब 2.44 करोड़ अपात्र लाभार्थियों की पहचान की गई है। इनमें Income Tax देने वाले, GST देने वाले, सरकारी कर्मचारी, कंपनियों के निदेशक, चार-पहिया वाहन मालिक और अलग-अलग राशन कार्ड रखने वाले लाभार्थी भी शामिल बताए गए हैं। लेकिन बड़ा सवाल सिर्फ Free Ration का नहीं है। सवाल यह भी है कि अगर सरकारी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई, सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर सवाल उठाने वाला कोई Photo या Video बनाता है, तो उसे लेकर इतना डर क्यों?
Classroom में शिक्षक के खैनी बनाने से लेकर बच्चों के भोजन, जर्जर School Building और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों तक—क्या Camera अब जवाबदेही का माध्यम नहीं रह गया?
एक तरफ लोग बेहतर वेतन, नौकरी और दूसरी सुविधाओं के लिए आवाज उठाते हैं, लेकिन बेहतर Government School और Quality Education के लिए सवाल कितनी मजबूती से उठते हैं?
अगर सब कुछ ठीक है, तो फिर School में Photo-Video को लेकर सवाल क्यों? और अगर तस्वीरें सामने आती हैं, तो कार्रवाई व्यवस्था सुधारने पर होनी चाहिए या तस्वीर सामने लाने वाले पर?
देखिए इस पूरी रिपोर्ट में Ration, Education System और Accountability से जुड़े इन्हीं सवालों पर खास चर्चा।
Disclaimer: यह वीडियो उपलब्ध सूचनाओं, आंकड़ों और टिप्पणी पर आधारित है। इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति, संस्था या वर्ग को बदनाम करना नहीं, बल्कि सार्वजनिक मुद्दे पर सवाल उठाना और चर्चा करना है।
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