गौतमबुद्धनगर (Gautam Buddh Nagar) के छिजारसी गांव में बड़ी संख्या में अवैध बिजली कनेक्शन संचालित होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार गांव में करीब 13 हजार अवैध बिजली कनेक्शन चल रहे हैं और कई घरों के बाहर बिजली के मीटर भी लगे हुए हैं। आरोप है कि इन कनेक्शनों के जरिए हर महीने बड़ी रकम की वसूली हो रही है, लेकिन यह धन सरकारी खजाने में पहुंचने के बजाय एक सिंडिकेट तक जा रहा है। यह मामला स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन (State Transformation Commission) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह (Manoj Kumar Singh) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के सामने समीक्षा बैठक के दौरान उठाया।
समीक्षा बैठक में सामने आया मामला:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 27 अगस्त की शाम समीक्षा बैठक कर रहे थे। इसी दौरान छिजारसी गांव में बिजली कनेक्शनों से जुड़ी स्थिति की जानकारी मुख्यमंत्री के सामने रखी गई। बताया गया कि गांव के फीडर नंबर-4 में वैध बिजली कनेक्शनों की संख्या करीब 3,800 है, जबकि लगभग 13 हजार घरों में अवैध कनेक्शन संचालित होने की बात सामने आई।
मामले पर पावर कॉरपोरेशन (Power Corporation) के चेयरमैन आशीष गोयल (Ashish Goyal) की ओर से इसे डूब क्षेत्र से जुड़ा मामला बताया गया। इसके बाद स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने 3-4 मंजिला इमारतों की तस्वीरें दिखाकर इस दावे पर सवाल उठाया और कहा कि यह डूब क्षेत्र नहीं, बल्कि अवैध कनेक्शनों का मामला है।
13 हजार अवैध कनेक्शनों पर उठे सवाल:
छिजारसी गांव में वैध कनेक्शनों की तुलना में अवैध कनेक्शनों की संख्या कई गुना अधिक बताई गई। खास बात यह है कि इन घरों में बिजली के मीटर भी लगे होने की जानकारी सामने आई। इन कनेक्शनों के जरिए हर महीने बिल के नाम पर धनराशि वसूले जाने की बात कही गई है।
प्रस्तुत जानकारी के मुताबिक यदि एक अवैध कनेक्शन से न्यूनतम एक हजार रुपये भी वसूले जा रहे हों, तो 13 हजार कनेक्शनों के आधार पर हर महीने करीब 1.30 करोड़ रुपये की रकम बनती है। इस पूरे मामले में सरकारी राजस्व और बिजली व्यवस्था से जुड़े गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से मांगा जवाब:
मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सख्त रुख अपनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली सरकार की है और घर में कोई इसे पैदा नहीं कर रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के बिना मीटर और अवैध कनेक्शन कैसे संचालित हो सकते हैं।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन आशीष गोयल से मामले को लेकर जवाब-तलब किया। समीक्षा बैठक में ऊर्जा विभाग के स्तर पर लापरवाही को लेकर भी नाराजगी जताई गई। ऊर्जा विभाग के मंत्री अरविंद कुमार शर्मा (Arvind Kumar Sharma) की ओर से भी चेयरमैन के प्रति कई बार नाराजगी जताए जाने की बात दी गई जानकारी में कही गई है।
डिजिटल लाइब्रेरी को लेकर भी सवाल:
समीक्षा बैठक में भदोही (Bhadohi) से जुड़ा डिजिटल लाइब्रेरी का मामला भी सामने आया। जानकारी के अनुसार भदोही के जिला पंचायत राज अधिकारी एक मंत्री को डिजिटल लाइब्रेरी दिखाने ले गए, लेकिन मौके पर लाइब्रेरी मौजूद नहीं थी। इस पर मुख्यमंत्री ने पंचायती राज विभाग से जवाब मांगा।
मुख्यमंत्री ने 30 सितंबर तक सभी डिजिटल लाइब्रेरियों को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी योजनाओं की प्रगति और उनके क्रियान्वयन को लेकर भी चर्चा हुई।
‘जीरो पॉवर्टी’ अभियान की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश:
‘जीरो पॉवर्टी’ अभियान की धीमी गति का मुद्दा भी समीक्षा के दौरान सामने आया। पात्र परिवारों को आवास, राशन और आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराने का काम अपेक्षित गति से नहीं होने की बात सामने आई। मुख्यमंत्री ने इस काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही प्रत्येक पात्र परिवार के कम से कम एक सदस्य को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया गया। अभियान के तहत पात्र परिवारों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ रोजगार और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
श्रमिकों के लिए बुनियादी सुविधाओं पर जोर:
समीक्षा बैठक में श्रमिकों के लेबर अड्डों पर उपलब्ध सुविधाओं को लेकर भी निर्देश दिए गए। इन स्थानों पर पीने का पानी, शौचालय, स्वच्छता, चिकित्सा और भोजन जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा गया।
सरकार की ओर से श्रमिकों के लिए इन आवश्यक सुविधाओं को उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। समीक्षा के दौरान संबंधित व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही गई।
अवैध बिजली कनेक्शनों पर कार्रवाई के संकेत:
मुख्यमंत्री के सख्त रुख के बाद छिजारसी के अवैध बिजली कनेक्शनों के मामले को गंभीरता से लिए जाने की बात सामने आई है। स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने कहा कि छिजारसी में 13 हजार अवैध बिजली कनेक्शनों का मामला गंभीर है। उनके अनुसार घरों में मीटर लगे हैं, लेकिन वे अवैध हैं। उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई की बात कही।
बिजली चोरी, फर्जी बिलिंग और लाइन लॉस रोकने की जिम्मेदारी से जुड़े इंजीनियरों और अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी कार्रवाई की संभावना जताई गई है। हालांकि, किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी या दोष तब तक अंतिम रूप से स्थापित नहीं माना जा सकता, जब तक संबंधित जांच और विधिक प्रक्रिया पूरी न हो।
2027 से पहले पांच नए लिंक एक्सप्रेस-वे की तैयारी:
दी गई जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पांच नए लिंक एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया जाएगा। इन सभी परियोजनाओं को तीन वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इनका सबसे अधिक लाभ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद (Farrukhabad), बुलंदशहर (Bulandshahr), इटावा (Etawah), आगरा (Agra) और नोएडा (Noida) जिलों को मिलने की बात कही गई है। इसके अलावा बुंदेलखंड क्षेत्र के झांसी (Jhansi) और जालौन (Jalaun) को भी इन परियोजनाओं से लाभ मिलने की जानकारी दी गई है।
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