लखनऊ, 4 नवम्बर: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी है। योगी सरकार (Yogi Government) द्वारा हाल ही में गन्ने के दाम में 30 रुपये प्रति कुंतल की ऐतिहासिक वृद्धि के बाद अब प्रदेशभर में पेराई सत्र 2025-26 की शुरुआत हो चुकी है। प्रदेश की 21 चीनी मिलों में गन्ना पेराई कार्य विधिवत प्रारंभ हो गया है, जबकि 53 मिलों ने गन्ना खरीद हेतु इंडेंट (Indent) जारी कर दिया है। इस निर्णय से गन्ना किसानों में उत्साह है, वहीं गन्ना उद्योग में भी नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
गन्ना पेराई सत्र 2025-26 का शुभारंभ:
गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस. ने बताया कि पेराई सत्र 2025-26 का कार्य प्रदेशभर में विधिवत रूप से प्रारंभ कर दिया गया है। इस सत्र में अब तक 21 चीनी मिलों में पेराई शुरू हो चुकी है, जिनमें सहकारी क्षेत्र की 01 और निजी क्षेत्र की 20 चीनी मिलें शामिल हैं। इनमें सहारनपुर परिक्षेत्र की 05, मेरठ परिक्षेत्र की 08, मुरादाबाद परिक्षेत्र की 02 और लखनऊ परिक्षेत्र की 06 चीनी मिलें शामिल हैं।
53 मिलों ने जारी किया इंडेंट:
गन्ना आयुक्त ने बताया कि वर्तमान सत्र में अब तक कुल 53 चीनी मिलों द्वारा गन्ना खरीद के लिए इंडेंट जारी किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त प्रदेश की अन्य 32 चीनी मिलों ने पेराई कार्य प्रारंभ करने की तैयारी पूरी कर ली है। इन मिलों में भी अगले कुछ दिनों में गन्ना पेराई कार्य शुरू हो जाएगा। वहीं शेष 69 चीनी मिलें भी शीघ्र ही संचालन के लिए तैयार हो रही हैं।
समय से भुगतान के निर्देश जारी:
गन्ना आयुक्त ने जानकारी दी कि सरकार ने गन्ना मूल्य के त्वरित भुगतान को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। चीनी मिलों को निर्देशित किया गया है कि वे गन्ना किसानों का भुगतान नियमानुसार समय पर करें। वर्तमान सत्र में कई मिलों ने पहले ही भुगतान प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी।
किसानों को मिलेगा बुवाई का लाभ:
सरकार का मानना है कि समय से चीनी मिलों के संचालन से खेत जल्दी खाली होंगे, जिससे किसानों को गेहूं की बुवाई में सुविधा होगी। पेराई सत्र की समय पर शुरुआत से जहां किसानों की आमदनी बढ़ेगी, वहीं कृषि चक्र भी संतुलित रहेगा।
गन्ना मूल्य में 30 रुपये की ऐतिहासिक वृद्धि:
योगी सरकार द्वारा हाल ही में गन्ने के मूल्य में 30 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि की गई है, जिसे अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि बताया जा रहा है। सरकार के इस निर्णय से किसानों की आमदनी बढ़ने के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था में भी सुधार होगा।
निष्कर्ष:
योगी सरकार की गन्ना नीति और मिलों के संचालन से प्रदेश में गन्ना उद्योग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। सरकार के निर्देशों के अनुरूप त्वरित भुगतान, समय पर पेराई और किसानों को बुवाई की सुविधा देना, इस सत्र को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
#Tag: #UPSugarMills #YogiGovernment #GannaFarmers
डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

