गाजीपुर में परिवार परामर्श केंद्र की पहल, पांच बिछड़े दंपति फिर साथ आए
गाजीपुर (Ghazipur) में महिला सहायता प्रकोष्ठ एवं परिवार परामर्श केंद्र की पहल से आपसी मतभेद के कारण अलग रह रहे पांच दंपतियों के बीच सुलह कराई गई। 8 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में पति-पत्नी के विवाद से जुड़े कुल 16 प्रकरणों की सुनवाई की गई। इनमें लंबे समय से विवाद का सामना कर रहे पांच दंपतियों को मध्यस्थता के माध्यम से एक साथ रहने के लिए राजी किया गया। दोनों पक्षों ने बिना किसी दबाव के अपनी सहमति से गिले-शिकवे भुलाकर साथ रहने का निर्णय लिया, जिसके बाद उनकी सकुशल विदाई कराई गई।

16 पारिवारिक विवादों की हुई सुनवाई:
गाजीपुर पुलिस के महिला सहायता प्रकोष्ठ एवं परिवार परामर्श केंद्र में पति-पत्नी के बीच चल रहे विवादों को सुलझाने के लिए सुनवाई की गई। इस दौरान कुल 16 प्रकरणों में दोनों पक्षों की बात सुनी गई। केंद्र की ओर से आपसी मतभेदों को बातचीत और मध्यस्थता के माध्यम से दूर करने का प्रयास किया गया, ताकि परिवारों को फिर से साथ लाने का रास्ता निकल सके।
सुनवाई के दौरान उन मामलों पर भी ध्यान दिया गया, जिनमें पति-पत्नी के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। ऐसे मामलों में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत कराई गई, जिससे वे एक-दूसरे की बात समझ सकें और आपसी सहमति से विवाद का समाधान निकाल सकें।
मध्यस्थता से पांच दंपतियों में हुआ समझौता:
परामर्श केंद्र में सुनवाई के दौरान पांच ऐसे प्रकरणों में सुलह कराई गई, जिनमें पति-पत्नी के बीच लंबे समय से मतभेद बने हुए थे। इन मामलों में मध्यस्थता के जरिए दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराई गई। समझौते की प्रक्रिया के दौरान पति-पत्नी को अपने गिले-शिकवे दूर करने और आपसी सहमति से आगे का रास्ता तय करने का अवसर मिला।
पुलिस के अनुसार, पांचों मामलों में दोनों पक्ष बिना किसी दबाव के अपनी मर्जी से साथ रहने के लिए राजी हुए। इसके बाद उनकी सकुशल विदाई कराई गई। इस पहल से अलग रह रहे पांच दंपतियों के बीच सुलह का रास्ता निकला और उनके पारिवारिक विवादों को आपसी सहमति के आधार पर सुलझाया गया।
तीन मामलों में कुशलक्षेम के बाद बंद हुई पत्रावली:
परिवार परामर्श केंद्र में सुनवाई के दौरान तीन प्रकरणों में कुशलक्षेम की जानकारी लेने के बाद पत्रावली बंद कर दी गई। वहीं, तीन अन्य मामलों में संबंधित पक्षों को विधिक सुझाव दिए गए। आवश्यक परामर्श के बाद इन प्रकरणों की पत्रावली भी बंद कर दी गई।
शेष मामलों में अभी मध्यस्थता की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। ऐसे प्रकरणों में आगे की सुनवाई के लिए अगली तिथि निर्धारित की गई। इस तरह केंद्र में आए मामलों को उनकी स्थिति के अनुसार आगे बढ़ाया गया।

महिला सहायता प्रकोष्ठ की टीम रही मौजूद:
इन प्रकरणों के निस्तारण में काउंसलर कमरुद्दीन, महिला प्रकोष्ठ प्रभारी उपनिरीक्षक नीतू मिश्रा, महिला आरक्षी सविता, महिला आरक्षी रागिनी, महिला आरक्षी संध्या, महिला आरक्षी अभिलाषा और आरक्षी शिव शंकर यादव सहित अन्य लोग प्रमुख रूप से शामिल रहे।
टीम ने संबंधित पक्षों की बात सुनने और मध्यस्थता की प्रक्रिया में भूमिका निभाई। परिवार परामर्श केंद्र के माध्यम से पति-पत्नी के विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने का प्रयास किया गया, ताकि आपसी सहमति से समस्याओं का समाधान निकाला जा सके।
गाजीपुर में महिला सहायता प्रकोष्ठ एवं परिवार परामर्श केंद्र की इस कार्रवाई के दौरान कुल 16 प्रकरणों की सुनवाई हुई। इनमें पांच दंपतियों के बीच सुलह कराकर उनकी विदाई कराई गई, जबकि अन्य मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की गई।
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रिपोर्ट : सऊद अंसारी
ब्यूरो: हसीन अंसारी