बलिया: राम गोविंद चौधरी की तेरहवीं में पहुंचे अखिलेश यादव, 2027 में गठबंधन की सबसे बड़ी जीत का दावा
बलिया (Ballia) के गोसाईंपुर में शनिवार को समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) दिवंगत वरिष्ठ नेता राम गोविंद चौधरी (Ram Govind Chaudhary) की तेरहवीं में शामिल हुए। उन्होंने राम गोविंद चौधरी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा और वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) की 2027 के चुनाव में सबसे बड़ी जीत होगी। बातचीत के दौरान उन्होंने गठबंधन की राजनीति, कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बने वीडियो, गौमूत्र खरीदने के दावे, इथेनॉल और प्रदेश में जलभराव की समस्या सहित कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।
2027 में गठबंधन की सबसे बड़ी जीत का दावा:
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की ओर से 150 विधानसभा सीटों की मांग से जुड़े सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि वह विभिन्न समाचार माध्यमों के सामने अपनी बात रख रहे हैं। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन की मदद से सीटें जीती गईं और समाजवादी पार्टी हमेशा गठबंधन की राजनीति करती रही है।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन की सबसे बड़ी जीत होगी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक चर्चा केवल सीटों की संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनाव में जीत हासिल करना भी महत्वपूर्ण है। उनके इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे से जोड़कर देखा जा रहा है।
भाजपा पर कानून और मंदिर में चोरी के मुद्दे पर निशाना:
भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा के शासन में सबसे ज्यादा गैरकानूनी काम होते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए कोई कानून नहीं है। अयोध्या के मंदिर में चोरी से संबंधित सवाल पूछे जाने पर उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि मंदिर का पुजारी कभी चोरी नहीं कर सकता। इस मुद्दे पर उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में अपनी बात रखी।
उनकी टिप्पणियां भाजपा की कार्यशैली को लेकर राजनीतिक आरोपों के रूप में सामने आईं। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की राजनीति और सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बने वीडियो पर भी घेरा:
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से बनाए गए वीडियो को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि बलिया के पत्रकारों ने दोनों पक्षों के वीडियो देखे होंगे। उन्होंने कहा कि समाजवादियों ने भी वीडियो बनाए, जिन्हें देखकर लोगों के चेहरे पर खुशी आई होगी।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से घटिया वीडियो बनाए गए और उनके जवाब में समाजवादी पार्टी के लोगों को भी राजनीतिक प्रचार के लिए ऐसे वीडियो बनाने पड़े। उन्होंने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा, “वनस्पति बदनाम हुई, आगे आप सब जानते हैं।” इस टिप्पणी के दौरान वह खुद भी हंस पड़े।
गौमूत्र खरीदने के दावे और छुट्टा पशुओं पर सवाल:
गौमूत्र खरीदने के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने भाजपा को घेरते हुए सवाल किया कि क्या बलिया से एक लीटर भी गौमूत्र खरीदा गया है। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी ने 200 लीटर गौमूत्र एकत्र किया था, लेकिन उसे खरीदने वाला कोई नहीं है।
इसके साथ ही उन्होंने छुट्टा पशुओं की समस्या का जिक्र करते हुए सरकार से सवाल किया कि ऐसे पशुओं के लिए क्या व्यवस्था की गई है। उन्होंने इस मुद्दे के जरिए पशुपालन और छुट्टा पशुओं से जुड़ी समस्याओं पर सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाए।
इथेनॉल के मुद्दे पर नरही थाने का जिक्र:
इथेनॉल के विषय पर अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि इथेनॉल के बारे में बलिया से ज्यादा कौन जानता है। इस दौरान उन्होंने नरही थाने का जिक्र करते हुए पुलिस से जुड़े एक मामले की ओर इशारा किया।
उनकी टिप्पणी को शराब तस्करी और कथित अवैध गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, इस विषय पर उन्होंने जो बातें कहीं, वे राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा थीं।
गोरखपुर और लखनऊ में जलभराव को लेकर सरकार पर हमला:
प्रदेश में जलभराव की समस्या पर अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के गृह जनपद गोरखपुर (Gorakhpur) का जिक्र किया। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि गोरखपुर को स्पेन बनाया जा रहा है, जबकि सड़कों पर पानी बह रहा है और नाव चलाने की नौबत आ रही है।
उन्होंने एक युवक द्वारा बनाए गए वीडियो का जिक्र करते हुए दावा किया कि वीडियो सामने आने के बाद उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी गई। लखनऊ (Lucknow) में जलभराव का मुद्दा उठाते हुए भी उन्होंने सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए। अखिलेश यादव ने कहा कि वह बलिया की धरती से अपनी बात रख रहे हैं, जहां की मिट्टी ने राम गोविंद चौधरी जैसे नेता को ताकत दी।
राम गोविंद चौधरी की इच्छा पर दिया जवाब:
पत्रकारों ने अखिलेश यादव से पूछा कि राम गोविंद चौधरी की इच्छा थी कि वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनें। इस पर अखिलेश यादव ने कहा कि अगर लोगों का आशीर्वाद रहा तो यह ख्वाहिश पूरी होनी ही है।
उनके इस बयान को 2027 के विधानसभा चुनाव और मुख्यमंत्री पद को लेकर उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। राम गोविंद चौधरी समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व नेता प्रतिपक्ष और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव रहे थे। उनकी तेरहवीं में शामिल होकर अखिलेश यादव ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
दयाशंकर सिंह के बयान पर भी पलटवार:
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह (Dayashankar Singh) की ओर से अखिलेश यादव के चुनाव जीतने को लेकर की गई टिप्पणी का मुद्दा भी बातचीत के दौरान चर्चा में रहा। मंत्री ने कथित तौर पर कहा था कि अखिलेश यादव भाजपा के एक कार्यकर्ता से चुनाव नहीं जीत पाएंगे। इस बयान के संदर्भ में अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान पलटवार किया।
बलिया में राम गोविंद चौधरी की तेरहवीं के दौरान अखिलेश यादव के बयानों में आगामी विधानसभा चुनाव, गठबंधन की रणनीति और प्रदेश सरकार की नीतियों पर निशाना प्रमुख रहा। उनके बयानों से उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के चुनाव को लेकर जारी चर्चा एक बार फिर सामने आई।
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रिपोर्टर: अमित कुमार