लखनऊ: महंत पद विवाद में निष्पक्ष जांच की मांग, दोषियों पर कार्रवाई की अपील
लखनऊ (Lucknow) स्थित उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब में अरविंद प्रताप सिंह मंगलनाथ ने महंत परमेश्वरदास और धर्मेंद्र दास के बीच महंत पद, चेलापन, वसीयत और संबंधित दस्तावेजों को लेकर चल रहे विवाद पर प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि विवाद से जुड़े दस्तावेजों और अभिलेखों की वास्तविकता सामने लाने के लिए तथ्यों के आधार पर जांच कराई जानी चाहिए। प्रेस वार्ता में दस्तावेजों के आधार पर उठाए सवाल:
प्रेस वार्ता के दौरान अरविंद प्रताप सिंह मंगलनाथ ने उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों का हवाला देते हुए वर्ष 2011 से अब तक विभिन्न न्यायालयों और राजस्व विभाग में हुई कार्यवाहियों का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने महंत पद से संबंधित अभिलेखों, वसीयत और पंजीकरण से जुड़े विवादों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए इनकी जांच की आवश्यकता बताई।
उनका कहना था कि पूरे प्रकरण को समझने के लिए संबंधित दस्तावेजों और अभिलेखों का सत्यापन जरूरी है। हालांकि, दस्तावेजों में कथित अनियमितताओं से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। ऐसे में मामले के सभी पहलुओं को निष्पक्ष तरीके से परखने की जरूरत पर जोर दिया गया। महंत पद, चेलापन और वसीयत से जुड़ा विवाद:
यह विवाद महंत पद, चेलापन, वसीयत और संबंधित दस्तावेजों को लेकर है। प्रेस वार्ता में इन विषयों से जुड़े अभिलेखों और विभिन्न स्तरों पर हुई कार्यवाहियों का उल्लेख किया गया। अरविंद प्रताप सिंह मंगलनाथ ने मांग की कि संबंधित दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच कराई जाए, ताकि मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
उन्होंने कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी संबंधित अभिलेखों और तथ्यों का परीक्षण होना चाहिए। इससे विवाद से जुड़े विभिन्न पक्षों की स्थिति स्पष्ट करने और प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिल सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उच्चस्तरीय जांच की मांग:
अरविंद प्रताप सिंह मंगलनाथ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले का संज्ञान लेने और निष्पक्ष जांच के निर्देश देने की अपील की। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सक्षम अधिकारियों के माध्यम से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी मांग की कि जांच में जो तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उनके अनुसार, मामले में किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और निर्णय तथ्यों तथा अभिलेखों के आधार पर होना चाहिए। तथ्यों के आधार पर कार्रवाई पर जोर:
प्रेस वार्ता में अरविंद प्रताप सिंह मंगलनाथ ने दोहराया कि विवाद की वास्तविक स्थिति दस्तावेजों और प्रमाणों के आधार पर स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने निष्पक्ष जांच को जरूरी बताते हुए कहा कि न्यायिक और प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए।
फिलहाल प्रेस वार्ता में उठाई गई मांगों के अनुसार, मामले से संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन और उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। विवाद में शामिल पक्षों के दावों और अभिलेखों की पुष्टि सक्षम जांच के बाद ही हो सकेगी। Slug: Mahant Post Dispute Fair Investigation Demand
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रिपोर्टर: संतोष कुमार