गाजीपुर में NHM संविदा कर्मियों का धरना दूसरे दिन भी जारी, नियमितीकरण और समान वेतन की मांग
गाजीपुर (Ghazipur) में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (National Health Mission) के तहत कार्यरत संविदा कर्मचारियों का अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय परिसर में जुटे कर्मचारियों ने नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन और वर्तमान वेतन में वृद्धि सहित अन्य मांगों को लेकर आवाज उठाई। प्रदर्शन में महिला कर्मचारियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे अपना विरोध जारी रखेंगे।
दूसरे दिन भी जारी रहा धरना-प्रदर्शन:
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय परिसर में आयोजित धरने में एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मियों ने अपनी समस्याओं और मांगों को प्रमुखता से उठाया। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे रहे हैं, लेकिन उनकी प्रमुख मांगों पर अब तक अपेक्षित निर्णय नहीं हुआ है। इसी के विरोध में कर्मचारी लगातार दूसरे दिन धरने पर बैठे रहे।
प्रदर्शन में महिला कर्मचारियों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए एकजुट होकर आवाज उठाई और सरकार से समस्याओं के समाधान की अपील की।
समान कार्य-समान वेतन की मांग पर अड़े कर्मचारी:
धरने को संबोधित करते हुए गोंडउर की बीसीपीएम शिवकुमारी देवी ने कहा कि जब तक सरकार समान कार्य के लिए समान वेतन सहित कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को स्वीकार नहीं करती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि संविदा कर्मचारी लगभग डेढ़ दशक से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के कठिन दौर का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय भी एनएचएम कर्मचारियों ने अपने जीवन और परिवार की चिंता किए बिना प्रदेश की जनता तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उनके अनुसार, वर्तमान में भी संविदा कर्मचारी विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन में लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं और राष्ट्रीय कार्यक्रमों में योगदान:
धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि एनएचएम संविदा कर्मचारी टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, क्षय रोग उन्मूलन तथा संचारी और गैर-संचारी रोगों के नियंत्रण जैसे कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा जिला और ब्लॉक स्तर पर प्रबंधकीय कार्यों तथा विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन में भी उनका योगदान रहता है।
कर्मचारियों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में उनकी जिम्मेदारी लगातार बनी हुई है। ऐसे में उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें अपने कार्य के अनुरूप सुविधाएं और वेतन संबंधी लाभ मिल सकें।
नियमितीकरण और वेतन वृद्धि सहित कई मांगें:
संगठन के जिला अध्यक्ष राघवेंद्र शेखर सिंह ने पत्रक के माध्यम से प्रदेश सरकार के सामने संगठन की दो प्रमुख मांगें रखीं। इनमें संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण और समान कार्य के लिए समान वेतन के साथ वर्तमान वेतन में वृद्धि शामिल है।
इसके अतिरिक्त कर्मचारियों ने चिकित्सा उपचार के लिए कैशलेस सुविधा उपलब्ध कराने, महंगाई भत्ता देने और ग्रेच्युटी का लाभ प्रदान करने की मांग भी उठाई। कर्मचारियों का कहना है कि इन सुविधाओं से उन्हें आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिल सकेगी। उन्होंने सरकार से मांगों पर विचार कर उचित निर्णय लेने की अपील की।
धरने में बड़ी संख्या में कर्मचारी रहे मौजूद:
धरना-प्रदर्शन में एएनएम प्रिया पांडेय, डॉ. एसके साहनी, भारतभूषण श्रीवास्तव, रियाज सुल्तान, सोनू शर्मा, विशाल राय, संदीप पांडेय, मिथिलेश कुमार सिंह, संजय यादव, अभिषेक राय, समा परवीन, डॉ. आरके वर्मा, डॉ. अभिषेक यादव, ऋषि यादव, रोमा मिश्रा, सरोज बाला चौधरी, ज्योत्स्ना राय, डॉ. सूफिया, अमृता राय, विमला स्वर्णकार, राधेश्याम, अनिल, सुनील, आशीष श्रीवास्तव, डेज़ी कुमारी और ममता कुमारी सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में धरना जारी रखते हुए सरकार से जल्द समाधान की अपेक्षा जताई।
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रिपोर्टर: जफर इकबाल