68500 शिक्षक भर्ती पर महासंग्राम! आरक्षण विवाद पर संजय निषाद घिरे!
लखनऊ (Lucknow) में 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने आरक्षण संबंधी विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद (Sanjay Nishad) के आवास का घेराव किया। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण की विसंगतियों को दूर कर परिणाम संशोधित करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। मंत्री से मुलाकात और समस्या के समाधान का आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त कर दिया।
आरक्षण विसंगति दूर करने की मांग:
68,500 सहायक शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण संबंधी विसंगतियों को दूर किया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर प्रदेशभर से अभ्यर्थी लखनऊ पहुंचे और कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद के आवास पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने भर्ती के परिणाम में संशोधन की मांग करते हुए अपनी समस्याओं को उठाया।
अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान मंत्री के आवास के बाहर नारेबाजी हुई। इस दौरान ‘निषाद चाचा बाहर आओ’ के नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारी भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण से जुड़ी विसंगतियों का समाधान चाहते हैं, ताकि उनकी मांगों पर विचार किया जा सके।
अभ्यर्थियों से मिले कैबिनेट मंत्री:
प्रदर्शन के दौरान कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद अभ्यर्थियों से मिलने पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान का आश्वासन दिया। मंत्री ने अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाया कि वह इस मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएंगे और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विषय पर चर्चा करेंगे।
डॉ. संजय निषाद ने अभ्यर्थियों से कहा, “आपका दर्द हमारा दर्द है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस विषय पर मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे। साथ ही, उन्होंने कहा कि कैबिनेट में चर्चा करके समस्या का हल निकालने का प्रयास किया जाएगा।
पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट का किया उल्लेख:
मंत्री डॉ. संजय निषाद ने बातचीत के दौरान पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि रिपोर्ट में अभ्यर्थियों के साथ नाइंसाफी का जिक्र है। उन्होंने इंसाफ की मांग को प्रत्येक व्यक्ति का अधिकार बताया।
उन्होंने कहा कि पिछड़ों और दलितों की समस्याओं के समाधान के लिए वे प्रतिबद्ध हैं। उनके अनुसार, अभ्यर्थियों की मांगों पर विचार किया जाना चाहिए और समस्या के समाधान के लिए उचित स्तर पर चर्चा होनी चाहिए।
आंदोलन को बताया लोकतांत्रिक अधिकार:
डॉ. संजय निषाद ने कहा कि लोकतंत्र में आंदोलन करना सभी का अधिकार है और आंदोलन के माध्यम से लोग अपने हक की मांग उठा सकते हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों की समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री से चर्चा करने तथा कैबिनेट में इस मुद्दे को उठाने की बात कही।
मंत्री के आश्वासन के बाद अभ्यर्थियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। प्रदर्शन के दौरान मौके पर पुलिस बल तैनात रहा।
अब समाधान की दिशा में चर्चा पर नजर:
68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग आरक्षण संबंधी विसंगतियों को दूर करना और परिणाम में संशोधन करना है। मंत्री की ओर से मुख्यमंत्री को पत्र लिखने और कैबिनेट में चर्चा के आश्वासन के बाद अब इस मामले में आगे होने वाली बातचीत महत्वपूर्ण होगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में भर्ती के परिणाम में संशोधन या विसंगतियों के समाधान के संबंध में किसी अंतिम निर्णय की पुष्टि नहीं की गई है।
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