गाजीपुर: जमानिया नगर पालिका के अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप
गाजीपुर के जमानियां नगर पालिका परिषद में करीब 4 करोड़ 8 लाख रुपये के सरकारी अनुदान से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि बीजेपी (BJP) एमएलसी विशाल सिंह चंचल के नाम से फर्जी लेटर पैड तैयार कर उस पर कूटरचित हस्ताक्षर किए गए। इन्हीं कथित दस्तावेजों के जरिए सरकारी अनुदान हासिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का प्रयास किए जाने का आरोप है। मामले में एमएलसी के प्रतिनिधि की तहरीर पर जमानियां थाने में नगर पालिका अध्यक्ष जय प्रकाश गुप्ता और उनके सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
एमएलसी के नाम से बनाए गए कथित फर्जी दस्तावेज:
एमएलसी विशाल सिंह चंचल के प्रतिनिधि डॉ. प्रदीप पाठक की ओर से जमानियां कोतवाली में दी गई तहरीर में नगर पालिका अध्यक्ष जय प्रकाश गुप्ता और उनके सहयोगियों पर कथित रूप से साजिश के तहत फर्जी लेटर पैड तैयार करने का आरोप लगाया गया है। तहरीर के मुताबिक, इन लेटर पैड पर एमएलसी के नाम से कथित फर्जी हस्ताक्षर भी किए गए।
बताया गया है कि संबंधित पत्रों पर 45358 और 9484 क्रमांक दर्ज थे और उन पर 10 जून 2026 की तारीख अंकित थी। आरोप है कि इन कथित कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर वित्तीय वर्ष 2026-27 में पंडित दीनदयाल नगर विकास योजना के तहत 408.68 लाख रुपये के सरकारी अनुदान से जुड़ी कार्रवाई की गई।
प्रकाश व्यवस्था के लिए प्रस्तावित थी धनराशि:
मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित अनुदान से नगर क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था से संबंधित विकास कार्य कराए जाने थे। इसके तहत मुख्य मार्गों पर 7 मीटर और 9 मीटर ऊंचाई वाले ऑक्टागोनल पोल और लाइटें लगाए जाने का प्रस्ताव था।
कथित फर्जीवाड़े का मामला तब सामने आया, जब शासन स्तर से संबंधित पत्र की जानकारी एमएलसी कार्यालय तक पहुंची। इसके बाद एमएलसी कार्यालय की ओर से नगर विकास मंत्री को पत्र भेजकर प्रस्तावित अनुदान को रोकने और मामले में कानूनी कार्रवाई का अनुरोध किया गया।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने दर्ज किया केस:
एमएलसी प्रतिनिधि की तहरीर मिलने के बाद जमानियां पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज किया। एएसपी अतुल सोनकर के मुताबिक, 7 अगस्त को प्राप्त तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने कथित फर्जी लेटर पैड, हस्ताक्षर और शासन को भेजे गए दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। विवेचना के दौरान पुलिस इस पूरे मामले से जुड़े दस्तावेजों और सरकारी अनुदान की प्रक्रिया से संबंधित तथ्यों की जांच कर रही है।
अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में:
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित साजिश में नगर पालिका अध्यक्ष के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल थे। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कथित दस्तावेजों को किस स्तर पर तैयार किया गया और उन्हें सरकारी अनुदान से जुड़ी प्रक्रिया में किस तरह इस्तेमाल किया गया।
फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
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गाज़ीपुर ब्यूरो: हसीन अंसारी
