भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल मुकाबले में दक्षिण कोरिया को 2-0 से हरा दिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। अब टीम स्वर्ण पदक से महज एक कदम दूर है। खिताबी मुकाबले में भारत का सामना दो अक्तूबर को चीन से होगा। भारतीय टीम यदि स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहती है तो 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए भी क्वालिफाई कर जाएगी। ऐसे में भारतीय महिला हॉकी टीम की नजर अब लंबे समय से चले आ रहे स्वर्ण पदक के इंतजार को खत्म करने पर है।
अब तक अजेय रहा भारत का सफर:
भारतीय महिला टीम ने एशियन गेम्स में अब तक लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और वह अजेय बनी हुई है। दक्षिण कोरिया के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। पहले दो क्वार्टर में किसी भी टीम को गोल करने में सफलता नहीं मिली। भारतीय खिलाड़ियों ने कई बार गोल करने के मौके बनाए, लेकिन कोरियाई रक्षापंक्ति के सामने उन्हें सफलता नहीं मिल सकी।
मुकाबले के शुरुआती चरण में भारत को कई पेनल्टी कॉर्नर मिले। पहले क्वार्टर में भारतीय टीम को कुल नौ पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन इनमें से कोई भी गोल में तब्दील नहीं हो सका। कोरिया ने इस दौरान मजबूत रक्षात्मक खेल दिखाया और भारत के हमलों को रोकने में कामयाब रहा। पहला क्वार्टर गोलरहित बराबरी पर समाप्त हुआ। दूसरे क्वार्टर में भी दोनों टीमों के बीच मुकाबला बराबरी का रहा और पहले हाफ तक स्कोर 0-0 रहा।
तीसरे क्वार्टर में बदला मुकाबले का रुख:
तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने गोल के लिए दबाव बढ़ाया। मुकाबले के दौरान 30वें मिनट में रेफरी ने बलजीत कौर को ग्रीन कार्ड दिखाया। इसके बाद भारतीय टीम पर बढ़त बनाने का दबाव और बढ़ गया। हालांकि, टीम ने संयम बनाए रखा और गोल की तलाश जारी रखी।
भारत को मैच के 44वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला। फॉरवर्ड खिलाड़ी इशिका ने इस मौके का पूरा फायदा उठाते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ भारत ने 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। बढ़त मिलने के बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास और मजबूत हुआ।
सुनेलिता टोप्पो ने दोगुनी की बढ़त:
भारत के पहले गोल के बाद दक्षिण कोरिया की टीम वापसी की कोशिश कर ही रही थी कि सुनेलिता टोप्पो ने भारतीय टीम की बढ़त को दोगुना कर दिया। टोप्पो ने 48वें मिनट में मैदानी गोल करते हुए भारत को 2-0 से आगे कर दिया।
इसके बाद कोरियाई टीम ने गोल करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी बढ़त कायम रखी। दक्षिण कोरिया की टीम पूरे मुकाबले में एक भी गोल नहीं कर सकी। आखिरकार भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2-0 से जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश कर लिया।
स्वर्ण पदक पर भारत की नजर:
सेमीफाइनल में जीत के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम अब खिताबी मुकाबले की तैयारी करेगी। फाइनल में दो अक्तूबर को भारत और चीन आमने-सामने होंगे। भारतीय टीम के पास इस मुकाबले के जरिए एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक के 44 साल के इंतजार को खत्म करने का मौका है। टीम ने फाइनल तक पहुंचकर इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ा दिया है।
स्वर्ण पदक जीतने की स्थिति में भारतीय महिला हॉकी टीम 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए भी क्वालिफाई कर जाएगी। ऐसे में चीन के खिलाफ होने वाला फाइनल भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण मुकाबला होगा।
भारत की शुरुआती प्लेइंग-11:
भारतीय टीम की शुरुआती प्लेइंग-11 में बिच्छू देवी खरीबम (Bichu Devi Kharibam) गोलकीपर के रूप में शामिल रहीं। टीम की कप्तानी सलीमा टेटे (Salima Tete) ने संभाली। उनके अलावा नवनीत कौर (Navneet Kaur), बलजीत कौर (Baljit Kaur), दीपिका (Deepika), लालरेमसियामी (Lalremsiami), साक्षी राणा (Sakshi Rana), नेहा (Neha), ज्योति (Jyoti), सुशीला चानू (Sushila Chanu) और इश्किा चौधरी (Ishika Chaudhary) शुरुआती टीम का हिस्सा रहीं।
सबस्टीट्यूट खिलाड़ियों में निक्की प्रधान (Nikki Pradhan), सविता (Savita) गोलकीपर, इशिका (Ishika), शिल्पी डबास (Shilpi Dabas), रुतुजा डाडासो पिसल (Rutuja Dadaso Pisal), सुनेलिता टोप्पो (Sunelita Toppo) और लालथातलुआंगी (Lalthathluangi) शामिल रहीं।
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