यूपी के कई शहरों में बारिश से तबाही, स्कूल-मंदिरों में घुसा पानी; लखनऊ के इलाके जलमग्न, गोंडा में 30 गांव टापू बने
उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर थमने के बावजूद नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से कई इलाकों में बाढ़ का असर बना हुआ है। गंगा, शारदा समेत 15 नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। राजधानी लखनऊ में सई और गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। निचले इलाकों में पांच फीट तक पानी भर गया है, जबकि कई सड़कें जलमग्न हो गई हैं।
लखनऊ में नदियों का बढ़ा जलस्तर:
लखनऊ में सई और गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर से निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बनी हुई है। कई स्थानों पर पांच फीट तक पानी भर गया है। सड़कों पर भी पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित हुआ है। बारिश थमने के बावजूद नदियों में बढ़ा पानी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है।
बाराबंकी में स्कूल और मंदिर तक पहुंचा पानी:
बाराबंकी में भी बाढ़ के पानी का असर दिखाई दे रहा है। यहां पानी सरकारी स्कूलों और मंदिरों तक पहुंच गया है। जलभराव के कारण इन स्थानों पर भी स्थिति प्रभावित हुई है। लगातार बढ़ते जलस्तर से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं।
गोंडा में खतरे के निशान से ऊपर घाघरा:
गोंडा में घाघरा नदी खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बाढ़ के कारण करीब 30 गांव टापू में तब्दील हो गए हैं। गांवों तक पहुंचने वाले रास्ते पूरी तरह डूब चुके हैं। इससे लोगों के आवागमन का रास्ता प्रभावित हुआ है।
बाढ़ की स्थिति के बीच 25 हजार से ज्यादा की आबादी फंसी हुई है। गांवों की गलियों में नावें चलाकर आवागमन किया जा रहा है। वहीं, बाढ़ के पानी में डूबने से दो युवकों की मौत होने की भी जानकारी सामने आई है।
उन्नाव में तेज बहाव से सड़क बही:
उन्नाव में भी बाढ़ के पानी का असर देखने को मिला है। यहां पानी के तेज बहाव में सड़क बह गई है। सड़क के बह जाने से आवागमन प्रभावित हुआ है। बारिश रुकने के बाद भी बाढ़ के पानी का तेज बहाव कई इलाकों में परेशानी का कारण बना हुआ है।
मानसून की विदाई शुरू, मौसम हुआ साफ:
प्रदेश में एक ओर बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर मानसूनी सीजन समाप्त हो चुका है। दक्षिण-पश्चिम मानसून का समय 1 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है। अब प्रदेश में मानसून की विदाई भी शुरू हो गई है।
मुजफ्फरनगर और अलीगढ़ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों से मानसून लौट चुका है। इसके असर से लगातार चौथे दिन गुरुवार को पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहा। कई इलाकों में तेज धूप खिली रही। आज प्रदेश में कहीं भी बारिश की संभावना नहीं बताई गई है।
बारिश थमी, लेकिन बाढ़ का असर कायम:
उत्तर प्रदेश में बारिश रुकने के बाद मौसम साफ होने लगा है, लेकिन नदियों का बढ़ा जलस्तर अभी भी कई इलाकों के लिए परेशानी बना हुआ है। गंगा और शारदा समेत 15 नदियां खतरे के निशान के करीब हैं। गोंडा में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि लखनऊ समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
इस तरह बारिश थमने के बावजूद नदियों के जलस्तर और बाढ़ के पानी ने कई जिलों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वहीं, मानसून की विदाई के साथ प्रदेश में मौसम के साफ रहने की स्थिति बनी हुई है।
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