एटा: 10 साल पुराने चर्चित हत्याकांड में अदालत का बड़ा फैसला
Etah (एटा) जनपद के बहुचर्चित हत्या मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। करीब दस वर्ष पुराने इस मामले में District and Sessions Court (जिला एवं सत्र न्यायालय) ने चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर ₹25,25 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है। अदालत का यह फैसला साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर सुनाया गया।
2016 में हुई थी युवक की हत्या:
मामला वर्ष 2016 का है, जब Nidhauli Kalan Police Station (थाना निधौली कला) क्षेत्र के Husainpur Kakrala (हुसैनपुर ककराला) गांव निवासी Pravendra (प्रवेंद्र) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद मामला न्यायालय में विचाराधीन रहा, जहां लंबे समय तक सुनवाई के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया।
चार आरोपियों को ठहराया दोषी:
District and Sessions Judge (जिला एवं सत्र न्यायाधीश) Rakesh Dhar Dubey (राकेश धर दुबे) ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद Pancham Singh (पंचम सिंह), Bhoop Singh (भूप सिंह), Manoj (मनोज) और Harendra (हरेंद्र) को हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ निर्णय सुनाया।
आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा:
अदालत ने चारों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ प्रत्येक पर ₹25,25 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला लंबे समय से चल रहे इस चर्चित मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। न्यायालय के आदेश के अनुसार दोषियों पर निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत सजा लागू की गई है।
साक्ष्यों के आधार पर आया फैसला:
अदालत ने अपने निर्णय में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को महत्वपूर्ण आधार माना। लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद यह फैसला सुनाया गया, जिससे वर्ष 2016 के इस हत्या मामले का न्यायिक निष्कर्ष सामने आया।
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रिपोर्टर: विपिन कुमार