Video: गाज़ीपुर में हर्षोल्लास से निकला ईद मिलादुन्नबी का जुलूस
इस वर्ष 5 सितम्बर को पैग़ंबर मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का जन्मदिवस है, उनका जन्म रबीउल अव्वल की 12वीं तारीख को मक्का (सऊदी अरब) में हुआ था। यह तारीख इस्लामी कैलेंडर के अनुसार मनाई जाती है। विश्व में सबसे पहले ईद मिलादुन्नबी का जश्न मुस्लिम समुदायों द्वारा अरब देशों में मनाया गया। इसके बाद यह परंपरा धीरे-धीरे पूरी दुनिया—जैसे पाकिस्तान, भारत, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, मिस्र और अफ्रीकी देशों में—फैल गई। पैग़ंबर मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के जन्मदिन—ईद मिलादुन्नबी—की सबसे खास बात यह है कि यह दिन केवल उनकी पैदाइश का जश्न नहीं, बल्कि उनकी शिक्षाओं को याद करने और अपनाने का अवसर है। मुसलमान इस दिन नात-ए-शरीफ़ और कसीदे पढ़ते हैं, कुरान की तिलावत करते हैं, और भव्य जुलूस निकालते हैं जिसमें तिरंगा और इस्लामिक झंडा साथ में लहराते हैं।
पैग़ंबर मोहम्मद ﷺ की पैदाइश की खुशी में निकला जुलूस
पैग़ंबर मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के जन्मदिन के मौके पर गाज़ीपुर सहित पूरे प्रदेश में ईद मिलादुन्नबी का पर्व उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। मुसलमान इस दिन को मोहम्मद ﷺ की पैदाइश की खुशी के तौर पर मनाते हैं और उनकी शिक्षाओं को याद कर अमन, भाईचारा और इंसानियत का संदेश देते हैं। गाज़ीपुर टाउन हॉल मैदान से एक भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें हजारों लोगों ने हिस्सा लिया।
नात-ए-शरीफ़ और स्वागत से गूंजा शहर
जुलूस में शामिल लोग पैग़ंबर ﷺ की शान में नात-ए-शरीफ़ और कसीदे पढ़ते हुए आगे बढ़ते रहे। जुलूस विभिन्न मार्गों से गुज़रा तो जगह-जगह नागरिकों ने स्वागत किया। कहीं शरबत और ठंडे पानी की व्यवस्था थी तो कहीं खाने-पीने का इंतज़ाम किया गया। स्थानीय लोगों ने दरवाज़ों पर खड़े होकर फूल बरसाए और सामूहिक दुआ में शरीक हुए। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के नेता और प्रमुख समाजसेवी अहमर जमाल, बिकानू भाई, डॉ. आज़म कादरी, अनस जमाल, उमर भाई, हुमायूं खान कोठी सहित कई गणमान्य लोगों ने भी जुलूस का स्वागत किया।
तिरंगे और इस्लामिक झंडे ने दिया एकता का संदेश
इस जुलूस की सबसे खास झलक तिरंगे झंडे और इस्लामिक झंडे का साथ-साथ लहराना रहा। इस्लामिक झंडे पर कलमा—“ला इलाहा इल्लल्लाह मोहम्मदुर रसूलुल्लाह”—लिखा हुआ था। दोनों झंडों के साथ लहराने से पूरे शहर में देशभक्ति और आपसी एकता का संदेश गया। कार्यक्रम के दौरान मुसलमानों ने भारत में अमन-चैन, आपसी भाईचारे और सद्भावना के लिए विशेष दुआएं मांगीं।
पूरे प्रदेश में भाईचारे का माहौल
गाज़ीपुर ही नहीं, बल्कि दिलदारनगर, बहादुरगंज और करंडा क्षेत्र के गांवों में भी ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर जुलूस निकाले गए। मदरसों और मस्जिदों से जुड़े संगठनों ने सामूहिक दुआ और लंगर का आयोजन किया। जगह-जगह लंगर, पानी और नाश्ते की व्यवस्था कर लोगों ने आपसी सद्भाव का परिचय दिया। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम किए गए और जुलूस शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।