गाज़ीपुर: जब कवियों ने मंच से सुनाए तीखे व्यंग्य, तालियों से गूंज उठा सभागार
दिलदारनगर (Dildarnagar) के माई जी कुटिया (Mai Ji Kutiya) परिसर में पत्रकार संघ द्वारा आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन ने शनिवार की रात साहित्य और काव्य प्रेमियों को एक यादगार अनुभव प्रदान किया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे कवियों और कवित्रियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक विषयों पर विचार प्रस्तुत किए। काव्य की विविध विधाओं से सजे इस आयोजन में उपस्थित श्रोताओं ने देर रात तक कविताओं का आनंद लिया।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ:
कवि सम्मेलन का शुभारंभ अतिथियों और मंचासीन कवियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कवित्री विभा सिंह ने मां सरस्वती की वंदना से की, जिसके बाद पूरा वातावरण साहित्यिक और सांस्कृतिक रंग में रंग गया। सम्मेलन में उपस्थित श्रोताओं ने कवियों का तालियों से स्वागत किया और उनकी प्रस्तुतियों को सराहा।
देशभक्ति और ओज से गूंजा मंच:
कवि हेमंत निर्भीक ने अपनी ओजपूर्ण कविता के माध्यम से देशभक्ति की भावना को स्वर दिया। उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं के भीतर राष्ट्रप्रेम का भाव जगाया और पूरा पंडाल भारत माता के जयकारों से गूंज उठा। वहीं देवरिया (Deoria) से पहुंचे ओज कवि पंडित भूषण त्यागी ने भी अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया।

श्रृंगार और संवेदनाओं की अभिव्यक्ति:
सीतापुर (Sitapur) से आईं कवित्री पिंकी अरविंद प्रजापति ने श्रृंगार रस की रचनाओं से श्रोताओं को भावनात्मक दुनिया की सैर कराई। उनकी कविताओं में प्रेम, संवेदना और रिश्तों की गहराई साफ झलक रही थी। वहीं कवित्री पूनम श्रीवास्तव ने अपनी रचनाओं में देशभक्ति और सांस्कृतिक मूल्यों का सुंदर समावेश प्रस्तुत किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
हास्य और व्यंग्य ने बांधा समां:
हास्य कवि डंडा बनारसी ने अपनी व्यंग्यात्मक कविताओं से राजनीति और सामाजिक परिस्थितियों पर कटाक्ष किया। उनकी पंक्तियों ने श्रोताओं को खूब हंसाया। इसी क्रम में मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सतना (Satna) से पहुंचे हास्य कवि रवि चतुर्वेदी ने भी अपने अंदाज में समसामयिक विषयों पर व्यंग्य प्रस्तुत किया। उनकी कविताओं पर श्रोता ठहाके लगाने को मजबूर हो गए।
हास्य कवि फजीहत गहमरी ने भी अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक बुराइयों और अपराध के खिलाफ संदेश दिया। उनकी प्रस्तुति को भी दर्शकों ने खूब सराहा और तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया।
साहित्य समाज का दर्पण है:
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है। उन्होंने कहा कि जब राजनीति और समाज चुनौतियों का सामना करते हैं, तब साहित्यकार और पत्रकार समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य करते हैं। उनके अनुसार ऐसे आयोजन हिंदी साहित्य और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत बनाने का माध्यम हैं।
नगर पंचायत चेयरमैन अविनाश जायसवाल ने कहा कि कवि सम्मेलन जैसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं और लोगों को साहित्य से जोड़ने का कार्य करते हैं। वाराणसी (Varanasi) के सर्जन डॉ. विवेकानंद राय ने भी आयोजन की सराहना करते हुए आयोजकों का आभार व्यक्त किया।
बड़ी संख्या में जुटे साहित्य प्रेमी:
कार्यक्रम में मन्नू सिंह, दिनेश प्रधान, प्रवीण जायसवाल, उमेश वर्मा, अजित गुप्ता, शोभा जायसवाल सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। देर रात तक चले इस कवि सम्मेलन ने उपस्थित लोगों को साहित्य, हास्य, व्यंग्य, श्रृंगार और देशभक्ति के विभिन्न रंगों से सराबोर कर दिया।
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रिपोर्टर: जफ़र इकबाल