कासगंज (Kasganj) जनपद में एक संदिग्ध मामले को लेकर उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) की जांच में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। एटीएस द्वारा की गई पूछताछ और जांच के आधार पर दावा किया गया है कि थाना सुनगढ़ी (Sungarhi Police Station) क्षेत्र के गांव किलौनी (Kilauni) निवासी शहबाज सिद्दीकी के कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) से जुड़े एक सक्रिय सदस्य उमर के साथ संपर्क होने के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसियां मामले की विभिन्न पहलुओं से पड़ताल कर रही हैं।
एटीएस के अनुसार, जांच के दौरान मिले डिजिटल साक्ष्यों और सोशल मीडिया गतिविधियों में कई ऐसी जानकारियां सामने आई हैं, जिन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से गंभीर माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों पर लगातार बातचीत होती थी। जांच एजेंसी का दावा है कि इन बातचीतों में जिहाद और भारत की वर्तमान लोकतांत्रिक व्यवस्था को बदलने जैसे विषयों पर चर्चा के संकेत मिले हैं।
सोशल मीडिया चैट बनी जांच का केंद्र:
एटीएस की जांच में कथित रूप से सामने आए चैट रिकॉर्ड अब पूरे मामले का प्रमुख आधार बन गए हैं। एजेंसी के मुताबिक, शहबाज और उमर के बीच लंबे समय से संवाद जारी था। इन संदेशों की जांच कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बातचीत केवल वैचारिक स्तर तक सीमित थी या इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका भी मौजूद थी।
जांच अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से हुई बातचीत के विभिन्न पहलुओं की गहन पड़ताल आवश्यक है। इसी कारण एजेंसियां तकनीकी और अन्य साक्ष्यों को एकत्रित कर मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई हैं।
पुलवामा हमले से जुड़ी चैट का दावा:
एटीएस के अनुसार जांच में सबसे संवेदनशील जानकारी 14 फरवरी को हुए पुलवामा आतंकी हमले से संबंधित कथित चैट के रूप में सामने आई है। एजेंसी का दावा है कि पुलवामा हमले के दिन उमर ने शहबाज को संदेश भेजते हुए कहा था कि “आज तुम्हारे देश में ब्लैक डे होगा और हमारे यहां खुशियां मनाई जा रही हैं।”
जांच एजेंसी इस कथित चैट को गंभीरता से लेते हुए इसकी सत्यता और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकार के संदेशों की प्रकृति और उद्देश्य को समझना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मामला:
एटीएस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी डिजिटल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियां और अन्य साक्ष्य खंगाले जा रहे हैं। एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संदिग्ध संपर्कों का दायरा कितना व्यापक था और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल थे।
फिलहाल जांच जारी है और संबंधित एजेंसियां उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और सक्षम न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
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रिपोर्टर: जुम्मन कुरैशी
