Parliament (संसद) परिसर के बाहर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं। Uttar Pradesh (उत्तर प्रदेश) के सांसद Chandrashekhar Azad (चंद्रशेखर आजाद) पिछले तीन दिनों से संसद के बाहर धरने पर बैठे हुए हैं। वहीं Samajwadi Party (समाजवादी पार्टी) प्रमुख Akhilesh Yadav (अखिलेश यादव), Congress (कांग्रेस) नेता Rahul Gandhi (राहुल गांधी) सहित INDIA Bloc (इंडिया ब्लॉक) के कई सांसदों ने भी संसद के बाहर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान NEET (नीट) समेत कई मुद्दों पर चर्चा और सरकार से जवाबदेही की मांग उठाई गई।
चंद्रशेखर आजाद का सोशल मीडिया पर संदेश:
धरने पर बैठे Chandrashekhar Azad (चंद्रशेखर आजाद) ने गुरुवार सुबह सोशल मीडिया मंच X (एक्स) पर एक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि जो लोग अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाज नहीं उठाते, वे कुछ दिनों बाद अपने ही लोगों की लाशें उठाते हैं। उनका यह संदेश छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध के संदर्भ में सामने आया।
संसद में INDIA ब्लॉक की बैठक:
संसद परिसर में Akhilesh Yadav (अखिलेश यादव) ने INDIA Bloc (इंडिया ब्लॉक) के नेताओं के साथ बैठक की। बैठक के दौरान NEET (नीट) समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके बाद विपक्षी सांसदों ने संसद के बाहर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए छात्रों से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की।
राम गोपाल यादव ने सरकार से पूछे सवाल:
Samajwadi Party (समाजवादी पार्टी) के सांसद Ram Gopal Yadav (राम गोपाल यादव) ने कहा कि BJP (भाजपा) सरकार के कार्यकाल में कई पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इन मामलों में कितने लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई और अब तक कितनों को सजा मिली। उन्होंने कहा कि सरकार सत्ता में है और जनता उसके जवाब का इंतजार कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्र किसी के कहने पर नहीं आए थे, बल्कि अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे थे। साथ ही उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि सिविल कपड़ों में छात्रों पर लाठियां बरसाने वाले लोग कौन थे।
इमरान मसूद ने प्रधानमंत्री के बयान पर दी प्रतिक्रिया:
पेपर लीक के मामलों में दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की Prime Minister Narendra Modi (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) की घोषणा पर Congress (कांग्रेस) सांसद Imran Masood (इमरान मसूद) ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि Rahul Gandhi (राहुल गांधी) द्वारा प्रधानमंत्री से सवाल उठाए जाने के बाद कम से कम इस विषय पर बयान आया है, लेकिन केवल घोषणा से काम नहीं चलेगा।
उन्होंने कहा कि सबसे पहले Dharmendra Pradhan (धर्मेंद्र प्रधान) को इस्तीफा देना चाहिए। इसके साथ ही प्रधानमंत्री को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के लिए माफी मांगनी चाहिए और इस मामले के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
छात्रों के मुद्दे पर जारी है विरोध:
छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। संसद के भीतर और बाहर विरोध प्रदर्शन जारी हैं, जबकि विभिन्न विपक्षी दल इस मामले में जवाबदेही तय करने और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं छात्रों से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाजी भी लगातार तेज होती जा रही है।
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