Uttar Pradesh (उत्तर प्रदेश) की राजनीति के वरिष्ठ नेताओं में शामिल और Samajwadi Party (समाजवादी पार्टी) के सबसे उम्रदराज विधायक Alambadi Azmi (आलमबदी आजमी) का 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने बुधवार देर रात Azamgarh (आजमगढ़) स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। वह पिछले चार महीने से अस्वस्थ थे और उनका उपचार Medanta Hospital (मेदांता अस्पताल), Lucknow (लखनऊ) में चल रहा था। उनके निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार दोपहर तीन बजे सुपुर्द-ए-खाक किए जाने का कार्यक्रम तय किया गया।
पांच बार रहे निजामाबाद से विधायक:
Alambadi Azmi (आलमबदी आजमी) ने Nizamabad (निजामाबाद) विधानसभा सीट का पांच बार प्रतिनिधित्व किया। उन्हें सादगी और गांधीवादी विचारधारा के लिए जाना जाता था। राजनीतिक जीवन के दौरान उनकी पहचान एक सरल और जनसरोकारों से जुड़े नेता के रूप में रही। Mulayam Singh Yadav (मुलायम सिंह यादव) और Akhilesh Yadav (अखिलेश यादव) के करीबी नेताओं में भी उनका नाम शामिल रहा।
स्कूटी से विधानसभा पहुंचकर आए थे चर्चा में:
करीब पांच महीने पहले Alambadi Azmi (आलमबदी आजमी) उस समय चर्चा में आए थे, जब वह स्कूटी से Uttar Pradesh Vidhan Sabha (उत्तर प्रदेश विधानसभा) पहुंचे थे। उनकी सादगी और सामान्य जीवनशैली की उस समय व्यापक चर्चा हुई थी। यह घटना उनकी सार्वजनिक छवि का एक प्रमुख उदाहरण मानी गई।
चार विधानसभा सीटें हुईं खाली:
Alambadi Azmi (आलमबदी आजमी) के निधन के बाद Uttar Pradesh (उत्तर प्रदेश) में अब कुल चार विधानसभा सीटें रिक्त हो गई हैं। इनमें तीन सीटें Samajwadi Party (समाजवादी पार्टी) और एक सीट Bharatiya Janata Party (भारतीय जनता पार्टी) के खाते की हैं।
इसी वर्ष जनवरी में Sonbhadra (सोनभद्र) की Duddhi (दुद्धी) विधानसभा सीट से Samajwadi Party (समाजवादी पार्टी) विधायक Vijay Singh Gond (विजय सिंह गोंड) तथा Bareilly (बरेली) की Faridpur (फरीदपुर) सीट से Bharatiya Janata Party (भारतीय जनता पार्टी) विधायक Prof. Shyam Bihari Lal (प्रो. श्याम बिहारी लाल) का भी निधन हो गया था।
उपचुनाव नहीं होंगे:
इसके अलावा पिछले वर्ष Mau (मऊ) की Ghosi (घोसी) विधानसभा सीट से Samajwadi Party (समाजवादी पार्टी) विधायक Sudhakar Singh (सुधाकर सिंह) का भी निधन हुआ था। इन सभी घटनाओं के बाद प्रदेश में चार विधानसभा सीटें रिक्त हैं, लेकिन इन सीटों पर उपचुनाव नहीं कराए जाएंगे। इसका कारण यह है कि मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने में अब एक वर्ष से भी कम समय शेष है।
राजनीतिक जीवन की रही अलग पहचान:
Alambadi Azmi (आलमबदी आजमी) का राजनीतिक जीवन लंबे समय तक सक्रिय रहा। वह अपने शांत स्वभाव, सादगी और जनसंपर्क के लिए पहचाने जाते थे। Nizamabad (निजामाबाद) क्षेत्र में लगातार पांच बार विधायक चुने जाने से उनकी राजनीतिक स्वीकार्यता का भी पता चलता है। उनके निधन के साथ प्रदेश की राजनीति ने एक वरिष्ठ और अनुभवी जनप्रतिनिधि को खो दिया है।
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