20 साल बाद भी मुआवजे से वंचित किसान, बीडीए ने दबाए 114 करोड़!
बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) द्वारा किसानों की जमीन अधिग्रहित किए जाने के बावजूद मुआवजा न मिलने का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। रामगंगानगर आवासीय योजना के लिए वर्ष 2004 में किसानों की जमीन ली गई थी, लेकिन आज भी कई किसान न्याय के लिए भटक रहे…
Ghazipur में मदरसे के खेल का “खुलासा”!
शिक्षा समाज की जड़ है और अगर जड़ में खाद पानी सही नहीं पड़ा तो जड़ सड़ जाता है. समाज के हर वर्ग की शिक्षा के सरकार की कई योजनायें वर्षों से चली आ रही हैं. सरकारी विद्यालय के अलावा एडेड स्कूल, निजी स्कूल और मदरसों को सरकारी मदद मिलती रही है. लेकिन जरा सोचिये…
UP News: मुफ्त राशन वितरण में बड़ा फर्जीवाड़ा, सामने आई चौकाने वाली रिपोर्ट…
Document Seen : उत्तर प्रदेश में अपात्रों को राशन वितरण की शिकायत की कई खबरें सामने आई, यहाँ तक की पत्रों को राशन वितरण करने मनमानी की शिकायत भी सामने आई. बड़ा सवाल यही था कि एक तरफ प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री हर गरीब के थाली में खाना पहुचाना चाहते हैं तो…
UP: लोक निर्माण विभाग (PWD) में UP Transfer Policy का उलंघन, वर्षों से कुर्सी पर जमे कर्मचारी…
लखनऊ | 28 दिसम्बर 2024 को खबर आई कि राजधानी लखनऊ के लोक निर्माण विभाग (PWD) में 20 साल से जमे बाबुओं पर प्रदेश की योगी सरकार सख्त हो गई है। सरकार के निर्देश पर कार्रवाई शुरू हो गई है। इनका तबादला मंडल से बाहर करने के साथ ही जांच भी शुरू हो गई है।…
जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार!
पहले एक विभाग ने सड़क बनायीं तो फिर दुसरे ने उसे खोद दिया, फिर टेंडर हुआ फिर सड़क बनी लेकिन इस बार छार्री बिछाकर छोड़ दिया, कई बार सड़क बनी और गद्दा हो गया, गड्डे शिकायत हुई, तब तक दुर्घटना हो गयी, ख़बर अखबार के पन्ने में कलि स्याही से छप गये, तब तक दूसरा…
UP: जननी सुरक्षा योजना में फर्जीवाड़ा…
क्या कोई महिला एक साल में पांच बार बच्चे को जन्म दे सकती है? नहीं न… लेकिन अगर ऐसा हो गया तो… अब आप ये मत कहिये कि ये संभव नहीं है. जब नियत में खोट हो तो सब कुछ संभव है लेकिन सफल नहीं. जनता के टैक्स के पैसों से सरकारी राजस्व भरता है…
Ghazipur: आगनबाड़ी भर्ती में फर्जीवाड़े का मास्टर माइंड!
लखनऊ/गाज़ीपुर | गरीबी हो या न हो, परिवार की इनकम चाहे जितना हो, फिर भी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए लोगों में इस समय गरीब साबित होने की होड़ मची हुई है। सिस्टम का खेल यह है कि गरीब बनाने का रेट फिक्स रखा है। जी हां चार से पांच सौ रुपए का…